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बैंक से खो गया है चेक, तो वही करेगा पेमेंट- जानें नियम

बैंक अगर किसी लापरवाही में चेक खो देता है तो यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह बैंक को भुगतान करे। राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने सोमवार को एक फैसले में यह कहा। आयोग ने कहा कि अगर ग्राहक कोई चेक बैंक में जमा करता है, (फिर चाहे वह बाउंस ही क्यों न गया हो) तो यह बैंक का दायित्व है कि खो जाने पर पीड़ित को राहत दे। आयोग ने इस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा से गुजरात के पीड़ित उपभोक्ता को 3.6 लाख रुपये अदा करने को कहा।

उसने पाया कि बैंक ने न केवल चेक खो दी बल्कि शिकायतकर्ता चित्रोदय बाबूजी दीवानजी को चेक रिटर्न का मेमो भी नहीं दिया। जबकि ग्राहक लगातार उससे गुहार लगाता रहा। इससे दीवानजी को 3.6 लाख रुपये का नुकसान हुआ। दीवानजी का कहना है कि बाउंस चेक न मिलने के कारण वह चेक देने वाले से बकाये के लिए कोई दबाव नहीं डाल सका।

आयोग ने इस मामले में गुजरात के राज्य उपभोक्ता आयोग के फैसले को सही ठहराया और बैंक की पुनरीक्षा याचिका को ठुकरा दिया। राज्य आयोग ने 20 जनवरी 2016 को दीवानजी की अपील स्वीकार करते हुए बैंक को आदेश दिया था कि वह पीड़ित को तीन लाख 60 हजार रुपये का भुगतान करे। जिला फोरम ने पीड़ित को बड़ी राहत नहीं दी थी। जिला फोरम ने 2013 में बैंक से महज 15 हजार रुपये ग्राहक को देने को कहा था। 

नौ साल पुराने मामले में ग्राहक को राहत
शिकायतकर्ता दीवानजी ने गुजरात के विसनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में तीन लाख 60 हजार रुपये का चेक जमा किया था। यह चेक उसे किसी अन्य कारोबारी ने बकाया चुकाने के लिए दिया था। बैंक का कहना था कि चेक बाउंस हो गया। लेकिन उसने डिसऑनर चेक या उसका मेमो तक ग्राहक को नहीं दिया। इसके बाद पीड़ित ने बैंक को नोटिस जारी कराया।

यह भी जानें
चेक बाउंस हो तो भी बैंक की जिम्मेदारी कि वह इसे ग्राहक को लौटाए।
बैंक को चेक डिसऑनर होने पर वह चेक और मेमो ग्राहक को देना होता है।

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  • Web Title:Loss of cheque to be compensated by bank Says NCDRC directs BoB to pay Rs 3 Lakhs to customer