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संसद : जीएसटी में संशोधन संबंधी चार विधेयक लोकसभा से पारित

GST

लोकसभा ने गुरुवार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून में संशोधन संबंधी चार विधेयकों को मंजूरी दे दी। सदन से जीएसटी संशोधन विधेयक, समन्वित माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक तथा माल एवं सेवा कर राज्यों को मुआवजा संशोधन विधेयक 2018 पर चर्चा और वित्तमंत्री पीयूष गोयल के जवाब के बाद ध्वनिमत से पारित हो गया। गोयल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जीएसटी को ‘गुड एंड सिम्पल टैक्स (अच्छा एवं आसान कर)’ बनाने की दिशा में ये चार विधेयक महत्वपूर्ण हैं। 

उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है जब देश भारत छोड़ो आंदोलन दिवस मना रहा है। हम आज जीएसटी पर चर्चा कर रहे हैं। इसलिए इसे अधिक कर हटाओ दिवस के रूप में भी मनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम 125 करोड़ देशवासियों को जीएसटी से सशक्त बना रहे हैं। वस्त्र क्षेत्र की हर समस्या को जीएसटी परिषद ने हल कर दिया है। अब वस्त्र पहले की तुलना में और सस्ते होंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जीएसटी के जरिए संघीय ढांचे को मजबूत करने का उदाहरण दूसरे देशों ने और विश्व ने आज देखा है। जीएसटी एक सामूहिक धरोहर है। इससे यह प्रदर्शित हुआ है कि केंद्र और राज्य साथ मिल कर काम कर सकते हैं।

गोयल ने कहा कि 22 राज्यों को मुआवजे में 14 फीसदी वृद्धि सुनिश्चित की जा रही, जिससे उन्हें लाभ होगा। इन संशोधनों में संयुक्त उदग्रहण योजना (कंपोजिशन स्कीम) के तहत करदाताओं के पात्र होने की ऊपरी सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने, रिटर्न संबंधी त्रैमासिक विवरणी दायर करने की प्रक्रिया, रिटर्न की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे प्रावधान किए गए हैं। 

इन विधेयकों के संबंध में गोयल ने कहा कि जीएसटी एक नया कानून है जो दूरगामी प्रभाव वाला है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत कोशिश यह रही है कि उपभोक्ताओं पर बोझ कम पड़े। इस दिशा में लगातार लोगों की बातें सुनकर, समझकर और उन पर विचार किया जा रहा है। 

सत्तापक्ष-कांग्रेस में तीखी नोकझोंक
लोकसभा में गुरुवार को जीएसटी से संबंधित संशोधन विधेयकों पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति पैदा हो गई।

वित्तमंत्री पीयूष गोयल : कांग्रेस के सदस्य आज बोलने नहीं दे रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो अभी 40 पर सिमट गए इनके सदस्यों की संख्या 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद चार से ज्यादा नहीं आ पाएगी।

मल्लिकार्जुन खडगे : मंत्री कह रहे हैं कि कांग्रेस चार सीटें भी नहीं जीत पाएगी। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि इतने सालों तक हमने अगर लोकतंत्र को नहीं बचाया होता तो ये (सत्तापक्ष) यहां नहीं होते। एक समय संसद में इनके दो ही नेता थे। अब 125 करोड़ लोग तय करेंगे कि हमारी कितने सीटें आएंगी। ये कारपोरेशन का चुनाव नहीं जीते और सीधे यहां ले आया गया। आप कैसे तय करेंगे कि हमारी कितनी सीटें आएंगी।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार : खडगे ने जो सवाल गोयल से पूछा है, उन्हें मनमोहन सिंह से पूछना चाहिए जो छह बार राज्यसभा सदस्य रहे हैं, आज भी उच्च सदन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे।

लोकसभा उपाध्यक्ष एम. थंबिदुरई ने भी खडगे से विषय पर बोलने का आग्रह किया। जब वह राफेल सौदे पर ही बोलते रहे तो आसन ने उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस सदस्यों ने इसके बाद सदन से वाकआउट किया।

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  • Web Title:Lok Sabha passes four GST Amendment Bills