लॉकडाउन: 72 घंटे में मिल रहा है पीएफ क्लेम, 10 दिन में 1 लाख 37 हजार दावों का निपटारा

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता,
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मुख्य बातें

  • कोरोना महामारी से जूझ रही भारत सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि कोई भी व्यक्ति अपने प्रॉविडेंड फंड की 75 फीसदी रकम या फिर तीन महीने की सैलरी के बराबर की रकम निकाल सकता है
  • इसके बाद महज 11 दिनों..
लॉकडाउन: 72 घंटे में मिल रहा है पीएफ क्लेम, 10 दिन में 1 लाख 37 हजार दावों का निपटारा

कोरोना महामारी से जूझ रही भारत सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि कोई भी व्यक्ति अपने प्रॉविडेंड फंड की 75 फीसदी रकम या फिर तीन महीने की सैलरी के बराबर की रकम निकाल सकता है। इसके बाद महज 11 दिनों में 4 लाख से ज्यादा लोगों ने ईपीएफओ के पास इस रकम को निकालने के लिए आवेदन किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस नई व्यवस्था के जरिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 72 घंटे में हो रहा निपटारा किया जा रहा है।

दिल्ली, मुंबई, पुणे और गुरुग्राम से सबसे ज्यादा क्लेम

सरकार की तरफ से कोरोना महामारी के दौरान पीएफ से पैसा निकालने के नियमों बदलाव के ऐलान के बाद इसके लिए आवेदनों में रिकॉर्ड बढ़त देखने को मिल रही है। सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक महज 11 दिनों में 4 लाख से ज्यादा लोगों ने ईपीएफओ के पास इस रकम को निकालने के लिए आवेदन किया है। जानकारी के मुताबिक ईपीएफओ ने इस दौरान 10 दिन से भी कम समय में 1 लाख 37 हजार क्लेम का निपटारा किया है जिसमें करीब 279 करोड़ रु पीएफ धारकों के खाते में डाले गए। सरकार ने ये भी बताया है कि इस मद के तहत दिल्ली, मुंबई, पुणे और गुरुग्राम से सबसे ज्यादा क्लेम किए जा रहे हैं। 

ग्राहक का केवाईसी पूरा होना जरूरी

इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ग्राहक का केवाईसी पूरा होना जरूरी होगा। सरकार ने ये भी व्यवस्था की है कि आधार के जरिए ऑनलाइन केवाईसी पूरा किया जा सकता है। सरकार ने लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान करते हुए ये भी घोषणा की थी कि कोई भी व्यक्ति अपने प्रॉविडेंड फंड की 75 फीसदी रकम या फिर तीन महीने की सैलरी के बराबर की रकम निकाल सकता है। इसके लिए कोई भी पेनाल्टी नहीं लगेगी। सरकार ने ईपीएफओ को ये भी निर्देश दिया था कि कोरोना के चलते निकाले जा रहे पीएफ की रकम को प्राथमिकता दी जाए।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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