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22 सितम्बर, 2020|7:37|IST

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91 फीसद कर्मचारियों पर पड़ सकता है लॉकडाउन का असर, चुनौतियों से डिजिटल तकनीक के जरिए लड़ेंगे जी-20 देश

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देश में अनौपचारिक सेक्टर में काम करने वाले करीब 91 फीसदी लोगों को प्रतिबंधों का दुष्प्रभाव झेलना पड़ सकता है। पंजाब में लॉकडाउन से निकालने के उपाय सुझाने के लिए बनाई गई कमेटी ने रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यबल की समस्याओं का जिक्र किया है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में करीब 465 मिलियन वर्कफोर्स में से करीब 91 फीसदी यानी 422 मिलियन अनौपचारिक सेक्टर में काम करने वाले हैं। इन्हें सामाजिक व आर्थिक दुष्प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं।

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केंद्र और राज्य सरकारों का आपसी सहयोग जरूरी अनौपचारिक सेक्टर में काम करने वाले ये लोग नीति निर्माताओं के लिए बड़ी चुनौती हैं। इन्हें किस तरह से राहत पहुंचाई जाए, जिससे संकट का असर इन पर कम किया जा सके। इसके लिए समग्र योजना की जरूरत है। संकट से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकार का सहयोग, निजी क्षेत्र और सिविल सोसायटी के सहयोग से नीति बनाने की सिफारिश की गई है। कृषि व इससे जुड़े काम, निर्माण सेक्टर, ट्रेड,रिपेयर, होटल,रेस्तरां, सेवा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

सरकार की तरफ से कोशिश जारी सरकार अनौपचारिक सेक्टर में काम कर रहे लोगों की मदद का प्रयास कर रही है। राशन के अलावा जनधन खातों में सहायता राशि भेजी गई है। सरकार में नियोक्ताओं से कामगारों के वेतन न काटने की अपील भी की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी जाने और शहर छोड़कर जाने से चुनौती संबंधित राज्यों के सामने बनी हुई है।

डिजिटल माध्यम की क्षमता का लाभ उठाने पर सहमति

जी-20 देशों के डिजिटल इकोनामी फोरम की गुरुवार को हुई वर्चुअल बैठक में कोविड महामारी से निपटने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने पर सहमति प्रकट की गई। बैठक में 19 देशों के मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों के साथ देश के केंद्रीय संचार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हिस्सा लिया। बैठक में मंत्रियों ने इस महामारी को रोकने और लोगों की सुरक्षा के लिए डिजिटल माध्यम की क्षमता का लाभ उठाने पर सहमति व्यक्त की।

अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की चुनौती

प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि जी-20 देशों की एक जिम्मेदारी है कि इस संकट के दौरान और बाद में जो कुछ भी करते हैं, वह समावेशी व टिकाऊ अर्थव्यवस्था पर अधिक केंद्रित हो। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जारी रखते हुए अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के महत्व पर जोर दिया। डिजिटलाइजेशन का अगला चरण उन अनुप्रयोगों के बारे में है जो आजीविका को प्रभावित करेंगे, विभिन्न क्षेत्रों में तेजी लाएंगे। आपूर्ति शृंखला को मजबूत करेंगे और एक साइबर सुरक्षित दुनिया का निर्माण करेंगे।

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वक्तव्य जारी किया एक जी-20 डिजिटल इकोनॉमी टास्क फोर्स कोविड-19 मंत्रिस्तरीय वक्तव्य जारी किया गया, जिसमें महामारी से लड़ने, संचार अवसंरचना और नेटवर्क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उपाय अपना हुए गैर-व्यक्तिगत डेटा विनिमय सुरक्षित करने, डिजिटल सॉल्यूशंस का उपयोग करने, साइबर सुरक्षित दुनिया बनाने पर जोर दिया गया है।


 

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  • Web Title:Lockdown may impact 91 percent of employees G20 countries will fight challenges through digital technology