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30 अक्तूबर, 2020|1:05|IST

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क्या आपने भी लोन मोरेटोरियम में भरी थी होम-कार लोन EMI? अब बैंक आपके खाते में डालेगा पैसा- जानें शर्तें

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी कर्जदाता संस्थानों से  दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिये हाल ही में घोषित ब्याज माफी योजना को लागू करने के लिए कहा है। कर्जदाता संस्थानों में बैंक, सहकारी बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और माइक्रोफाइनेंस संस्थान शामिल हैं। ऐसे में कर्ज लेने वाले कई ग्राहकों के मन में सवाल है कि आरबीआई के ब्याज माफी योजना का फायदा उन्हें मिलेगा या नहीं। आइए जानतें हैं इसका आप पर क्या और कैसा असर पड़ेगा।

किनको मिलेगा फायदा
ब्याज माफी योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज के ऊपर लगने वाला ब्याज 1 मार्च 2020 से छह महीने के लिये माफ किया जायेगा। सरकार ने पात्र ऋण खातों के लिये चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर के भुगतान को लेकर अनुदान की योजना की 23 अक्टूबर को घोषणा की थी। यानी ऐसे कर्जदार जिनका लोन 2 करोड़ रुपये तक है वह इसका लाभ उठा सकते हैं। ये राहत ऐसे सभी सभी कर्जदारों को मिलेगी जिन्होंने किश्त भुगतान से छह महीने की दी गई छूट का फायदा उठाया हो या नहीं। जिन ग्राहकों ने मोरेटोरियम का लाभ नहीं उठाया था, उन्हें भी बैंक से कैशबैक मिलेगा। 

कब तक मिलेगा फायदा
सरकार ने सभी बैंकों को 5 नवंबर 2020 तक चक्रवृद्धि ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर को कर्जदारों के खाते में जमा करने के निर्देश दिये हैं। 

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कितना मिलेगा फायदा
अगर आसान भाषा में समझे तो लोन पर छह महीने यानी मार्ज से अगस्त तक दी गई मोहलत के दौरान ब्याज पर ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए कदम उठाने के लिए कहा गया है।

कौनसे लोन होंगे कवर
इस योजना के तहत होम लोन, एजुकेशन लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया, ऑटो लोन और एमएसएनई के लिए कर्ज और उपयोग के लिए लोन को कवर किया जाएगा। 2 करोड़ रुपये तक के ऋण वाले छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को भी भुगतान किया जाएगा। 

लेकिन ये है शर्त
यह सुविधा ग्राहकों को तभी मिलेगी जब कर्ज की किस्त का भुगतान फरवरी के अंत तक होता रहा हो यानी संबंधित खाता फरवरी तक नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) न बना हो।

क्यों दिया जा रहा है फायदा 
वित्त मंत्रालय ने ब्याज माफी योजना को लागू करने के लिये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की पृष्ठभूमि में परिचालन दिशानिर्देश जारी किया था। शीर्ष अदालत ने 14 अक्टूबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आम लोगों के हित में यथाशीघ्र उन्हें राहत देने की योजना लागू करे। साथ ही त्योहारों में मांग को बूस्ट किया जा सके।

ये है पूरा मामला
शीर्ष अदालत ने 14 अक्तूबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आम लोगों के हित में शीघ्र उन्हें राहत देने की योजना लागू करे। दरअसल, मोरेटोरियम अवधि के ईएमआई के भुगतान को लेकर कई सवाल उठे और ब्याज पर ब्याज का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा कि वह मोरेटोरियम अवधि यानी मार्च से अगस्त तक के दौरान ब्याज पर ब्याज को माफ करने के लिए तैयार है। साथ ही कैशबैक को लेकर जानकारी दी। उसके बाद रिजर्व बैंक ने एक अधिसचूना में कहा कि सभी ऋणदाता संस्थानों को योजना के प्रावधानों द्वारा निर्देशित होने और निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी। एक अनुमान के अनुसार इस पर केंद्र सरकार के करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।

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  • Web Title:Loan moratorium know everything about cashback rbi issues directions to bank and landing institutions