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रिटायरमेंट के बाद पाना चाहते हैं ज्यादा पैसा, जानें किस स्कीम में मिलेगा फायदा

pension scheme

अब ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट सेक्टर से जुड़े लोग पेंशन स्कीम में निवेश करना चाहते हैं, ताकि रिटायमेंट के बाद पैसों की दिक्कत न आए। पेंशन फेड के लिए यह तीन स्कीम्स सबसे ज्यादा चलन में है। ये स्कीम्स पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), इंम्पलॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) हैं। आइए जानते हैं इनमें कितने फीसदी की दर से सालाना ब्याज मिलता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक वॉलेंटरी इंवेस्टमेंट स्कीम है, यानी इसमें निवेश करना ना करना निवेशक की अपना इच्छा है। इसमें हर साल अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा कर सकते हैं। पीपीएफ में निवेश की रकम पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। पीपीएफ में 15 साल की लॉक-इन पीरियड होता है। हालांकि, 7 साल बाद भी इस योजना में से कुछ रकम निकाली जा सकती है। इस योजना के तहत 500 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक इन्वेस्ट कर सकते हैं। अभी पीपीएफ पर 8 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।
नेशनल पेंशन स्कीम 
साल 2008 में शुरु हुई स्कीम प्राइवेट सेक्टर के लोगों को ध्यान में रख कर एनपीएस लाया गया था। इस योजना में निवेश करने पर रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलता है। आप ज्यादा से ज्यादा 1.50 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। अपने रिस्क फैक्टर के हिसाब से आप अलग-अलग एनपीएस योजनाओं में निवेश कर सकते हैं। निवेशक को सेक्शन 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है। आप अलग से 50,000 रुपए का सेक्शन 80CCD(1B) के तहत टैक्स में छूट का भी फायदा उठा सकते हैं। एलआईसी पेंशन फंड, कोटक महिंद्रा पेंशन फंड, एसबीआई पेंशन फंड आदि इसका उदाहरण हैं।
इम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड 
ईपीएफ किसी भी ऐसी कंपनी पर लागू होता है जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी होते हैं। ईपीएफ में मिलने वाली ब्याज दरें ईपीएफओ द्वारा तय की जाती है। फिलहाल ईपीएफ में 8.5 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलता है। 

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  • Web Title:know which pension scheme will give maximum return