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FD में समय से पहले भी निकाल सकते हैं पैसा, नहीं कटेगा चार्ज- जानें कैसे

fixed deposit

कुछ निवेशक अपनी कमाई को निवेश के लिए सुरक्षित विकल्पों की तलाश में रहते हैं। हालांकि, ऐसे ऑप्शन में रिटर्न कम मिलता है लेकिन पैसा डूबने का खतरा नहीं होता। ऐसे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करना बेहतर विकल्प है। एफडी निवेश 7 दिन से लेकर 10 साल तक की मेच्योरिटी पीरियड के साथ आता है और इसमें ब्याज एक य दर के मुताबिक मिलता है।

एफडी में निवेश के साथ बड़ी समस्या है कि इसमें मेच्योरिटी के पहले निवेश निकालने की मंजूरी नहीं होती और प्री-मेच्योरिटी से पहले पैसा निकालने पर जुर्माना लगता है। आइए जानते हैं कि ऐसे कौनसे तरीके हैं जिसके जरिए आपको एफडी पर लिक्विडिटी मिलेगी और आप जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकेंगे।
एफडी में निवेश के तरीके

1. स्वीप-इन एकाउंट
टैक्स एक्सपर्ट और चार्टेड अकाउटेंट एम के गांधी ने लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि लंबे समय के लिए एफडी में निवेश करने पर आप एकाएक जरूरत पड़ने पर कैश की समस्या से जूझ सकते हैं। जिन्हें कभी भी कैश की जरूरत पड़ जाती है उनके लिए स्वीप-इन फिक्स्ड डिपॉजिट बेहतर विकल्प है। इस प्रकार के एफडी में निवेशकों को एफडी की ब्याज दर के अलावा सेविंग एकाउंट जैसी लिक्विडिटी का फायदा एक साथ मिलता है। इस प्रकार के खाते में निवेश पर मेच्योरिटी से पहले पैसा निकालने पर पेनल्टी नहीं लगती। इसकी ब्याज दर भी रेगुलर एफडी के तरह होती हैं। 

इस विकल्प का चयन करने पर आपको एक लिमिट तय करनी होती है, उससे अधिक की राशि आपके सेविंग अकाउंट पर होने पर अधिक राशि ऑटोमैटिकली एफडी बन जाती है। हालांकि जो लिमिट आपने तय की हुई है, अगर उससे कम राशि आपके सेविंग अकाउंट में है तो उस सीमा तक पैसे बनाने के लिए एफडी से पैसे वापस बचत खाते में आ जाएंगे। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने सेविंग खाते में तय सीमा से अधिक पैसे रखें। 

2. लैडरिंग
अपनी पूंजी के लैडरिंग तरीके से निवेश कर सकते हैं। आप अपनी पूंजी को सिर्फ एक ही पीरियड के एफडी में निवेश न करें। इसके बजाय पूरी पूंजी को हिस्सों में बांटकर कई मेच्योरिटी पीरियड में निवेश करें। 

3. एफडी गिरवी रख लोन लेना
जरूरत पड़ने पर आप अपनी एफडी पर लोन भी ले सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपकी कैश की जरूरत पूरी हो जाएगी। इस पर आपको सामान्यतः पर्सनल लोन की तुलना में ब्याज भी कम देना होता है। इस प्रकार के लोन पर ब्याज दर बैंक पर निर्भर करती है लेकिन यह एफडी के इंटेरेस्ट रेट से करीब 1-2 फीसदी अधिक होती है। इस तरीके के जरिए आप अपनी एफडी के 90 फीसदी के बराबर राशि लोन के तौर पर ले सकते हैं।

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  • Web Title:know how to Withdraw FD before maturity without any bank charge