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7 मई, 2021|2:51|IST

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शेयरों और म्यूचुअल फंड पर लोन लेने से पहले ध्यान में रखें ये 5 बातें

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आपने यदि शेयर, म्यूचुअल फंड और बॉन्ड में निवेश कर रखा है तो जरूरत पड़ने पर उसके बदले कर्ज (लोन) भी ले सकते हैं। इसके अलावा बीमा पॉलिसी के बदले भी कर्ज ले सकते हैं। बैंक इनके बदले आसानी से कर्ज की सुविधा देते हैं। कई बैंक तो दस्तावेज भी नहीं मांगते और ऑनलाइन डिजिटल तरीके से तीन दिन से भी कम समय में कर्ज मुहैया करा देते हैं। हालांकि, इस तरह के निवेश के बदले कर्ज लेने के पहले बैंक की शर्तं, ब्याज दरें और प्रोसेसिंग शुल्क पर जरूर गौर करें।

कितना मिलेगा कर्ज

शेयर, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और बीमा पॉलिसी के बदले बैंक सामान्यत: निवेश राशि के 50 से 60 फीसदी तक कर्ज देते हैं। डेट म्यूचुअल फंड के बदले बैंक ज्यादा राशि के कर्ज की पेशकश करते हैं क्योंकि उसके रिटर्न में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आता है। वहीं शेयरों में जोखिम अधिक अधिक होने की वजह से 60 फीसदी से अधिक राशि का कर्ज नहीं देते हैं।

ब्याज कितना लगेगा

शेयर बाजार और बीमा से जुड़े निवेश के बदले बैंक होम लोन की ब्याज दरों से दो से तीन फीसदी ऊंची दर पर कर्ज की पेशकश करते हैं। यह दरें पर्सनल लोन के मुकाबले काफी सस्ती होती हैं। मौजूदा समय में विभिन्न बैंक और एनबीएफसी 9.25 फीसदी से लेकर 18 फीसदी दर पर शेयरों के बदले कर्ज दे रही हैं।

छोटी अवधि के लिए मिलता है कर्ज

शेयर-म्यूचुअल फंड के बदले कर्ज होम लोन और ऑटो लोन की तरह लंबी अवधि के लिए नहीं मिलता है। बैंक सामान्यत: इनके बदले कर्ज 36 माह यानी तीन साल की अवधि के लिए देते हैं। बैंक कुल कर्ज की ईएमआई चुकाने या हर माह ब्याज चुकाने और अंत में मूल राशि चुकाने का भी विकल्प देते हैं। ऐसे में अपनी सुविधा के अनुसार ही विकल्प का चुनाव करें।

बाजार में गिरावट पर क्या होगा

शेयर बाजार में गिरावट आने पर आपके शेयरों का मूल्य घट जाता है। ऐसे में बैंक आप से लोन अवधि के बीच में और शेयर गिरवी रखने या उतनी राशि चुकाने को कहते हैं। इसे इस तरह समझें। आपने 10 लाख रुपये के शेयर गिरवी रखे जिसके बदले में 60 फीसदी यानी छह लाख रुपये लोन मिला। बाजार में 10 फीसदी गिरावट पर आपके शेयर नौ लाख रुपये के हो जाएंगे। ऐसे में आप केवल 5.40 लाख कर्ज के हकदार हैं। इस स्थिति में बैंक 60 हजार रुपये की भरपाई की मांग करते हैं।

प्रोसेसिंग शुल्क का गणित

मौजूदा समय में विभिन्न बैंक 0.10 फीसदी से लेकर दो फीसदी तक प्रोसेसिंग शुल्क ले रहे हैं। वहीं यूको बैंक 250 रुपये की तय राशि ले रहा है। कई बैंक कर्ज सस्ता देते हैं और प्रोसेसिंग शुल्क ऊंचा रखते हैं। ऐसे में इसकी पूरी पड़ताल करें। सरकारी क्षेत्र का इंडियन बैंक 9.05 फीसदी के शुरुआती ब्याज पर कर्ज दे रहा है। जबकि 0.30 फीसदी के करीब प्रोसेसिंग शुल्क ले रहा है। वहीं निजी क्षेत्र का कोटक महिन्द्रा बैंक दो फीसदी तक प्रोसेसिंग शुल्क ले रहा है।

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  • Web Title:Keep these things in mind before taking loans on shares and mutual funds