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24 सितम्बर, 2020|5:28|IST

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जेके सीमेंट की कमान पहली बार महिला को, सुशीला सिंघानिया बनीं चेयरपर्सन

jk cement commanded woman for the first time sushila singhania became chairperson

दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनियों में से एक जेके सीमेंट की कमान यदुपति सिंघानिया की मां सुशीला सिंघानिया को सौंपी गई है। राघवपत सिंघानिया जेके सीमेंट के नए प्रबंध निदेशक होंगे जबकि उनके भाई माधवकृष्ण सिंघानिया को उप प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। यदुपति की पत्नी कविता सिंघानिया को निदेशक बनाया गया है। जेके सीमेंट की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया। 

यदुपति सिंघानिया का 13 अगस्त को सिंगापुर में निधन हो गया था। सोमवार को निदेशक मंडल की बैठक में जेके परिवार की प्रथम महिला सुशीला सिंघानिया यानी अम्माजी को चेयरपर्सन की जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले वह निदेशक थीं। निधिपत सिंघानिया के दोनों युवा बेटों पर निदेशक मंडल ने भरोसा जताया और एमडी व डिप्टी एमडी की बड़ी जिम्मेदारी दी। 

दुनिया के 43 देशों में सिक्का
जेके सीमेंट 45 साल से भी ज्यादा पुरानी कंपनी है। 1975 में राजस्थान के नीमबहेड़ा में कंपनी ने ग्रे सीमेंट का पहला प्लांट लगाया था। इसके बाद राजस्थान में ही मंगरोल और गोटल में दो संयंत्रों के साथ विस्तार किया। वर्ष 2009 में पहली कर्नाटक के मुद्दापुर में ग्रीनफील्ड यूनिट लगाई और यहां से दक्षिण-पश्चिम भारत के बाजार में कदम रखे। 2014 में कंपनी ने उत्तर भारत में संयंत्र का विस्तार किया और मंगरोल में 1.5 मिलियन मीट्रिक टन की इंटीग्रेटेड इकाई लगाई। फिर हरियाणा के झज्जर में इतनी ही क्षमता की ग्राइंडिंग इकाई की स्थापना की। आज ग्रे सीमेंट में जेके की क्षमता 14 मिलियन मीट्रिक टन की हो गई है और देश के शीर्ष सीमेंट उत्पादकों में से एक है। जेके व्हाइट सीमेंट की धाक भारत से बाहर भी है। व्हाइट सीमेंट के उत्पादन में कंपनी देश की दूसरी सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। सालाना उत्पादन क्षमता 6 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा है। ग्रे और व्हाइट सीमेंट का फ्यूजन प्लांट यूएई में स्थापित किया है, जिसके जरिए अफ्रीकी देशों तक में सीमेंट की मांग है। आज दुनिया के 43 देशों में जेके व्हाइट सीमेंट की पहुंच है।

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