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7 नवंबर, 2020|7:05|IST

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निवेशकों ने जमकर की मुनाफावसूली, सितंबर तिमाही में इक्विटी एमएफ से 7,200 करोड़ रुपये निकाले

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इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड से जुलाई-सितंबर के दौरान निवेशकों ने 7,200 करोड़ रुपये की निकासी की है। तिमाही के दौरान ऊंचे मूल्यांकन पर निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में निवेशकों ने इक्विटी एमएफ में 23,874 करोड़ रुपये डाले थे। हालांकि, सितंबर के अंत तक इक्विटी एमएफ की संपत्तियां मामूली बढ़कर 7.64 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जो सितंबर, 2019 के अंत तक 7.24 लाख करोड़ रुपये थीं। 

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आंकड़ों के अनुसार सितंबर तिमाही के दौरान इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी योजनाओं से 7,214 करोड़ रुपये की निकासी हुई। जून तिमाही में इन योजनाओं में 11,710 करोड़ रुपये तथा मार्च तिमाही में 30,703 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। आंकड़ों के अनुसार जुलाई में इक्विटी एमएफ से 2,480 करोड़ रुपये की निकासी हुई। अगस्त में 4,000 करोड़ रुपये तथा सितंबर में 734 करोड़ रुपये की निकासी हुई।  माईवेल्थग्रोथ.कॉम के हर्षद चेतनवाला ने कहा, ''निवेशक शेयरों लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं। इस वजह से पिछली तिमाही में इक्विटी एमएफ से निकासी देखने को मिली है। 

एफपीआई ने अक्टूबर में लगाए 22 हजार करोड़ रुपये

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय बाजारों में अक्टूबर में 22,033 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदार की। इसकी मुख्य वजहें आर्थिक गतिविधियों का पुन: शुरू होना तथा कंपनियों का बढ़िया तिमाही परिणाम रहा।  इससे पहले सितंबर में एफपीआई ने 3,419 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। डिपॉजिटरी के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक अक्टूबर से 30 अक्टूबर के दौरान विदेशी पोर्टफोलिसो निवेशकों ने इक्विटी में 19,541 करोड़ रुपये और ऋणपत्रों में 2,492 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। इस तरह कुल निवेश अक्टूबर में 22,033 करोड़ रुपये रहा।

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 मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर मैनेजर हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ''वैश्विक बाजारों में अधिशेष तरलता की उपलब्धता भारतीय इक्विटी में विदेशी धन के प्रवाह को सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अर्थव्यवस्था के खुलने, व्यावसायिक गतिविधियों के फिर से शुरू होने और अपेक्षा से बेहतर तिमाही परिणामों ने निवेशकों की रुचि को बनाए रखने में मदद की।

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उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर परिदृश्य में बदलाव जारी है और कई कारक हैं जो विदेशी प्रवाह की दिशा को आगे बढ़ायेंगे। ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि भारत में कोविड-19 के नये मामले कम हो रहे हैं। यह अभी के समय में भारत को निवेशकों के लिये आकर्षक बनाता है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीने महत्वपूर्ण होने वाले हैं। अमेरिका में चुनाव, टीके की उपलब्धता आदि जैसे कई बड़े कारक हैं, जो प्रभाव डालेंगे।

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  • Web Title:Investors booked heavy profits pulled out Rs 7200 crore from equity MF in the September quarter