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प्रोविडेंट फंड में 5 लाख तक का इंवेस्टमेंट टैक्स फ्री, जानें किसको होगा फायदा 

न्यूज़ एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Tarun Singh
Wed, 24 Mar 2021 09:35 AM
प्रोविडेंट फंड में 5 लाख तक का इंवेस्टमेंट टैक्स फ्री, जानें किसको होगा फायदा 

सरकार ने प्रोविडेंट फंड पर ब्याज को कर मुक्त रखने के संबंध में कर्मचारी के अधिकतम वार्षिक योगदान की सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भविष्य निधि कोष (पीएफ) में कर्मचारी के सालाना पांच लाख रुपये तक के योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर कर नहीं लगेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2021 को संसद में पेश 2021- 22 के बजट में घोषणा की थी कि एक अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में कर्मचारियों के पीएफ में सालाना ढाई लाख रुपये से अधिक के योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर कर लगाया जायेगा। इसके लिए गणना में नियोक्ता की ओर से किए जाने वाले अंशदान को शामिल नहीं किया गया था। सीतारमण ने वित्त विधेयक 2021 में लोकसभा में हुई चर्चा का उत्तर देते हुए मंगलवार को पीएफ में होने वाली जमा की कर मुक्त ब्याज की वार्षिक सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह बढ़ी सीमा योगदान पर लागू होगी जहां नियोक्ता की ओर से इस कोष में योगदान नहीं होगा। 

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वित्त मंत्री ने कहा, ''मेरी मंशा इस सीमा को केवल ऐसे पीएफ योगदान में बढ़ाने की है जहां कोष में नियोक्ता का योगदान नहीं है। यह रियायत ऐसे मामलों में है कि पांच लाख रुपये तक के योगदान में नियोक्ता का योगदान शामिल नहीं हैं क्योंकि नियोक्ता का योगदान कर्मचारी के मूल वेतन के 12 प्रतिशत तक ही सीमित है।"

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सीतारमण ने कहा, ''आम तौर पर भविष्य निधि कोष में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है, लेकिन इसमें ऐसा योगदान भी होता है जो केवल कर्मचारी की तरफ से होता है, उसमें नियोक्ता का हिस्सा नहीं होता है।" यह नया प्रावधान एक अप्रैल से अमल में आ जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि कोष संगठन (ईपीएफओ) में करीब छह करोड़ सब्स्क्राइबर हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य निधि पर मिलने वाले ब्याज पर लगाए गए कर प्रस्ताव से केवल एक प्रतिशत भविष्य निधि खाताधारकों पर ही असर पड़ेगा। अन्य खाताधारकों पर इस कर प्रस्ताव का कोई असर नहीं होगा क्योंकि उनका सालाना पीएफ योगदान ढाई लाख रुपये से कम है। 

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