ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News BusinessInvesting in the stock market real estate gold will soon fulfill your dreams bring diversity in your portfolio

शेयर बाजार, रियल एस्टेट, गोल्ड में निवेश से जल्द पूरे होंगे आपके सपने, पोर्टफोलियों में लाएं विविधता

साल 2020 में दुनियाभर के निवेशकों को पोर्टफोलियों में विविधता की अहमियत से रूबरू कराया है। कोरोना संकट आने के बाद से दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई और निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गए।...

शेयर बाजार, रियल एस्टेट, गोल्ड में निवेश से जल्द पूरे होंगे आपके सपने,  पोर्टफोलियों में लाएं विविधता
नई दिल्ली। नील बोराटेFri, 01 Jan 2021 11:35 AM
ऐप पर पढ़ें

साल 2020 में दुनियाभर के निवेशकों को पोर्टफोलियों में विविधता की अहमियत से रूबरू कराया है। कोरोना संकट आने के बाद से दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई और निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गए। वहीं, जिन निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाकर शेयर बाजार, रियल एस्टेट, गोल्ड और फिक्स्ड इनकम वाले निवेश माध्यमों में निवेश किया था उन्हें बड़ा असर नहीं हुआ। शेयरों में बड़ी गिरावट के बावजूद सोना और फिक्स्ड इनकम यानी एफडी ने बेहतर रिटर्न दिया।

एसेट अलोकेशन के मायने

एसेट अलोकेशन अपनी निवेश योग्य रकम को विभिन्न एसेट कैटेगरी में लगाने की प्रक्रिया है। इन कैटेगरी में इक्विटी, डेट, रियल एस्टेट, म्यूचुअल फंड, गोल्ड और नकदी शामिल हैं। निवेश की इस रणनीति पर चलकर निवेशक अस्थिरता को घटाने के साथ रिटर्न को ज्यादा से ज्यादा बढ़ा सकते हैं। इसमें अपने निवेश की रकम को विभिन्न एसेट कैटेगरी में बांटने की जरूरत होगी। अगर कोई अपने निवेश को चार भागों में बांटकर 25 फीसदी इक्विटी, रियल एस्टेट, गोल्ड और डेट में करता है तो वह अपने जोखिम को काफी कम कर सकता है। वैसे निवेशक जो अधिक रिटर्न चाहते हैं वह अपने निवेश को इक्विटी में बढ़ा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: फर्जी दस्तावेजों और घूस के दम पर लोन पर लगी लगाम

सभी के लिए यह क्यों जरूरी है?

किसी के लिए भी इस बात का पता लगा पाना बेहद मुश्किल है कि कब बाजार चढ़ेगा और कब यह उतरेगा। कौन-सा इक्विटी क्लास फायदा देगा और किसे नुकसान होगा। उदाहरण के लिए इक्विटी में कभी तेजी आ सकती है तो कभी इनमें नुकसान हो सकता है। यही बात डेट और गोल्ड के लिए भी लागू होती है। हालांकि, विभिन्न एसेट क्लास में पैसा लगा होने पर आपको ज्यादा नुकसान नहीं हो पाता है। इसके साथ ही विभिन्न असेट क्लास में निवेश करने पर निवेशकों को कर छूट का भी फायदा मिलता है।

बीते 10 साल में किसने सबसे अधिक रिटर्न दिया

वैश्विक इक्विटी ने 2010-20 के दौरान दूसरे सभी एसेट क्लास को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक रिटर्न दिया है। एमएससीआई ने 10 साल में 14.5 फीसदी की कम्पाउंडिंग की दर से रिटर्न दिया है। हालांकि, बहुत कम निवेशक हैं तो विदेशी म्यूचुअल फंड या इक्विटी में निवेश करते हैं।

निवेशक का फैसाल कैसे करे निवेशक

फाइनेंशियल प्लानर के मुताबिक, निवेश शुरू करने से पहले निवेशक को जोखिम लेने की क्षमता को देख लेना चाहिए। उदाहरण के लिए 10 लाख रुपये के पोर्टफोलियो वाला निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड में 75 फीसदी, डेट प्रोडक्टों में 20 फीसदी और गोल्ड में 5 फीसदी आवंटन कर सकता है। बिटकॉइन ने इस साल जबरदस्त रिटर्न दिया है। हालांकि, निवेशकों को इस तरह के एसेट क्लास में निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करना चाहिए।

म्यूचुअल फंड के जरिये अलोकेशन संभव है क्या?

बाजार में असेट अलोकेशन नाम से म्यूचुअल फंड है। हालांकि, सभी स्कीम में निवेश के अलग-अलग क्लास है। कुछ स्कीम विदेशी इक्विटी बाजार में निवश नहीं करते हैं। वहीं, बहुत सारे फंड रियल एस्टेट में निवेश नहीं करते हैं। म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने का निर्णय फंड मैनेजर का होता है। ऐसे में निवेशकों को अपने अनुसार एसेट अलोकेशन करना ज्यादा बेहतर होगा।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें