DA Image
Wednesday, December 1, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिजनेसम्यूचुअल फंड SIP के जरिए शेयरों में निवेश पर जोखिम कम, बाजार में तेजी आने पर तगड़ा रिटर्न मिलने की गुंजाइंश

म्यूचुअल फंड SIP के जरिए शेयरों में निवेश पर जोखिम कम, बाजार में तेजी आने पर तगड़ा रिटर्न मिलने की गुंजाइंश

हिन्दुस्तान ब्यूरो,नई दिल्लीDrigraj Madheshia
Fri, 12 Nov 2021 09:37 AM
म्यूचुअल फंड SIP के जरिए शेयरों में निवेश पर जोखिम कम, बाजार में तेजी आने पर तगड़ा रिटर्न मिलने की गुंजाइंश

शेयर बाजार में सीधे निवेश करना छोटे निवेशकों के लिए बेहद जोखिम भरा होता है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि न्यूनतम और नियमित निवेश से एसआईपी के जरिये शेयरों में निवेश पर जोखिम कम हो जाता है। साथ ही बाजार में तेजी आने पर तगड़ा रिटर्न मिलने की गुंजाइंश रहती है। 

उदाहरण के लिए 10 हजार रुपये किसी शेयर में निवेश करते हैं तो 10 फीसदी गिरावट आने पर आपका निवेश घटकर नौ हजार रुपये रह जाता है। उसके बाद जब 10 फीसदी तेजी आती है निवेश बढ़कर 9900 रुपये हो जाता है। जबकि एसआईपी में एक हजार रुपये लगाते हैं तो 10 फीसदी गिरावट पर निवेश घटकर 900 रुपये हो जाता है। इस तरह एसआईपी में नुकसान कम होता है।

छोटे निवेशक उठा रहे जोखिम

म्यूचुअल फंड में इक्विटी फंड को छोड़कर लगभग सभी अन्य फंड में निवेश घटा है। बाजार में तेजी का फायदा निवेशक जमकर उठा रहे हैं। वह एसआईपी के जरिये इक्विटी फंड में निवेश कर रहे हैं। यही वजह है कि इक्विटी फंड में लगातार आठ माह से निवेश प्रवाह बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्तूबर में इक्विटी फंड में प्रवाह 5,215 करोड़ रुपये का रहा जो सितंबर के बाद सबसे कम है, लेकिन इसकी वजह बाजार की तेजी में मुनाफा कमाने के लिए कुछ निवेश निकालना है। ऐसा तभी होता है जब छोटे निवेशक बाजार की हरकत पर पैनी नजर रखते हैं और जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं।

अक्टूबर में गोल्ड ईटीएफ में 303 करोड़ का निवेश

गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) ने निवेशकों को आकर्षित करना जारी रखा है और उन्होंने त्योहारी सीजन की मांग के कारण अक्टूबर में 303 करोड़ रुपये की शुद्ध संपत्ति अर्जित की।  हालांकि, यह सितंबर के 446 करोड़ रुपये की शुद्ध आमद से कम था।  एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ग में अगस्त में 24 करोड़ रुपये की शुद्ध आमद दर्ज की गयी।

एलएक्सएमई की संस्थापक प्रीति राठी गुप्ता ने कहा, 'गोल्ड ईटीएफ में अक्टूबर के दौरान भी लगभग 303 करोड़ रुपये की एक अच्छी आमद देखी गयी। उम्मीदों के अनुरूप, उत्सव ने परिसंपत्ति वर्ग की मांग को बनाए रखा। इस साल धनतेरस पर सोने की बिक्री का स्तर 2019 के धनतेरस की तुलना में लगभग 20 टन अधिक था।'

वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहयोगी निदेशक-प्रबंधक (अनुसंधान) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, 'सितंबर महीने की तुलना में अक्टूबर में शुद्ध आमद के कम स्तर को अक्टूबर में सोने की कीमतों में उछाल के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ में अधिक मात्रा में आवंटन करने से रोक सकता था।'

कम आमद के लिए एक अन्य कारक निवेशकों का शेयर बाजारों पर ध्यान केंद्रित करना हो सकता है, जो सर्वकालिक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।   उन्होंने कहा, 'इन कारकों के बावजूद, अक्टूबर में शुद्ध आमद फिर भी सही है और यह निवेशकों के अपने निवेश पोर्टफोलियो में सोने को पसंद करने की ओर इशारा करता है।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें