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31 मई, 2020|6:21|IST

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मुद्रास्फीति दर घटकर 2.05 फीसदी पर आई,महंगाई से मिली राहत

Inflation in india

अंडा, सब्जी समेत खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में पिछले माह के मुकाबले घटकर 2.05 प्रतिशत पर आ गयी। दिसंबर के मुकाबले जनवरी महीने में खुदरा मुद्रास्फीति दर (महंगाई दर) में कमी आई है। जनवरी महीने में महंगाई दर 2.05 फीसदी रही जो दिसंबर 2018 में 2.11 फीसदी थी।


दिसंबर 2018 के संशोधित आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति उस माह 2.11 प्रतिशत थी जबकि प्रारंभिक आंकड़ों में इसे 2.19 प्रतिशत बताया गया था। जनवरी, 2018 में खुदरा मुद्रास्फीति 5.07 प्रतिशत थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने आगे कहा कि ईंधन और लाइट श्रेणी में भी महंगाई दर इस साल जनवरी में घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गयी जो दिसंबर 2018 में 4.54 प्रतिशत थी।

रिजर्व बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में खुदरा मुदास्फीति को ध्यान में रखता है। महंगाई दर में कमी के कारण केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की कमी कर के उसे 6.25 प्रतिशत पर ला दिया है। आरबीआई ने मानसून सामान्य रहने जैसे अनुकूल कारकों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को कम कर 2.8 प्रतिशत कर दिया है।

औद्योगिक उत्पादन में सुस्ती : महंगाई में नरमी जहां सरकार के लिए राहत का कारण है, वहीं औद्योगिक उत्पादन में सुस्ती ने उसकी चिंता बढ़ा दी है। औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर दिसंबर 2018 में 2.4 फीसदी रही है। विनिर्माण और खनन क्षेत्र के खराब प्रदर्शन की वजह से यह कमी आई है। दिसंबर 2017 में औद्योगिक उत्पादन दर 7.3% थी और इस लिहाज से यह एक साल में एक तिहाई रह गई है। अप्रैल-दिसंबर 2018-19 के बीच उत्पादन दर 4.6 %रही जो, पिछले साल इसी अवधि में 3.7%रही। विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि की बात करें तो दिसंबर 2018 में 2.7% रहा, जबकि दिसंबर 2017 में यह 8.7% पर था। .

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  • Web Title:inflation rate decrease in January month