ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News BusinessInflation hit income of common man prices of flour oil and pulses have increased by 123 pc in 5 years

आम आदमी की कमाई खा रही महंगाई, 5 साल में आटा, तेल, दाल के दाम 123% तक उछले

Inflation hit: भले ही पिछले कुछ महीनों से महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन पिछले 5 साल में आटा, तेल, दाल से लेकर नमक तक नमक तक भाव में 50 से 123 फीसद तक का इजाफा हुआ है।

आम आदमी की कमाई खा रही महंगाई, 5 साल में आटा, तेल, दाल के दाम 123% तक उछले
Drigraj Madheshiaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 Nov 2023 12:05 PM
ऐप पर पढ़ें

"सखी सइयां तो खूब ही कमात है, पर महंगाई डायन खाए जात है..." कुछ साल पहले आया यह गाना आज भी प्रासंगिक है। भले ही पिछले कुछ महीनों से महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन पिछले 5 साल में आटा, तेल, दाल से लेकर नमक तक नमक तक भाव में 50 से 123 फीसद तक का इजाफा हुआ है। ये हम नहीं बल्कि उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़े कह रहे हैं। हालांकि, भारत के प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़त हुई है, लेकिन उन लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं में आई तेजी डायन के समान है, जिनकी इनकम महंगाई दर के सापेक्ष कम बढ़ी है।

उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट (https://fcainfoweb.nic.in) पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच साल में चावल का औसत रेट 29.68  रुपये प्रति किलो से 46.53 फीसद महंगा होकर 43.49 रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान गेहूं के भाव में करीब 38 फीसद और गेहूं के आटे में 43 फीसद की उछाल आया है।

यह भी पढ़ें40% से ज्यादा महंगी हुई अरहर दाल, राहत के लिए सरकार उठाने जा रही बड़ा कदम

अरहर की दाल 70.54 रुपये से 157.80 रुपये पर पहुंची

अगर दालों की बात करें तो अरहर या तुअर की दाल में सबसे अधिक वद्धि देखी गई है। पिछले पांच सालों में अरहर की दाल 70.54 रुपये से 157.80 रुपये पर पहुंच गई है। इस अवधि में यह 123.67 फीसद बढ़ी है। इसके अलावा चना दाल में 27.40 फीसद, उड़द दाल में 76.66 फीसद, मूंग दाल में 56.04 फीसद की उछाल दर्ज की गई है। यहां तक की मसूर की दाल भी पिछले पांच साल में 54.55 फीसद महंगी होकर 61.23 रुपये से 94.63 रुपये पर पहुंच गई है।

यह भी पढ़ें: मुद्रास्फीति में गिरावट के बावजूद आरबीआई की महंगाई पर पैनी नजर

खाद्य तेलों ने निकाला आम आदमी का तेल
पिछले साल के मुकाबले खाद्य तेलों के दाम में राहत है, लेकिन पांच साल पहले के रेट से तुलना करें तो सरसों तेल (पैक) 105.55 रुपये से 31.19 फीसद महंगा होकर 138.47 रुपये प्रति लीटर के औसत भाव पर पहुंच गया है। वनस्पति तेल में 53.57 फीसद का इजाफा हुआ है, जबकि सूरजमुखी के तेल में करीब 31 फीसद। सोया ऑयल में 35.29 और पाम ऑयल में 32.27 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

चीनी, दूध और चाय का हाल
पिछले पांच साल में चीनी के रेट में महज 15.16 फीसद का इजाफा हुआ है। दूध के रेट में 34.61 फीसद और खुली के चाय के रेट में 30.44 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। जबकि, नमक और खारा होकर 15.36 रुपये से 22.98 रुपये पर पहुंच गया है। इस अवधि में इसने करीब 50 फीसद की छलांग लगाई है। 

यह भी पढ़ें: महंगाई को लेकर मोदी सरकार और आरबीआई क्यों हैं 'हाई अलर्ट' पर

आलू, प्याज और टमाटर के भी तेवर तीखे
आलू, प्याज और टमाटर गाहे-बेगाहे हर साल लोगों को रुलाते और हंसाते रहते हैं। महंगाई की पिच पर कभी टमाटर दोहरा शतक मारता है तो कभी प्याज शतक और आलू अर्धशतक। हालांकि पिछले पांच साल में आलू केवल 13.68 फीसद ही बढ़ा है तो प्याज ने 166.11 फीसद की उड़ान भरी है। टमाटर भी 75.24 फीसद महंगा हुआ है।

इलाज का खर्च कर रहा जेब खाली
भारत में इलाज का खर्च तेजी से बढ़ा है। भारत में मेडिकल मुद्रास्फीति एशिया में सबसे तेज 14 फीसद की ऊंचाई पर पहुंची हुई है। इलाज का खर्च बेतहाशा बढ़ने का सीधा असर करीब नौ करोड़ लोगों पर पड़ता है, जिनके महीने के खर्च का 10 फीसद से ज्यादा हिस्सा सिर्फ इलाज में चला जाता है। फिक्र की बात है कि 51 साल से ज्यादा उम्र वाले लोग ही बीमा के बारे में ज्यादा सोचते हैं। जिन लोगों को कोई गंभीर बीमारी हो, उनमें से तो 85 फीसद को यही लगता है कि उन्हें कंपनी की तरफ से कोई सहारा नहीं मिलता है। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें