भारतीय-अमेरिकियों ने ओसीआई कार्डधारकों पर यात्रा अंकुशों में ढील का स्वागत किया
मुख्य बातें
- भारतीय-अमेरिकियों ने भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों यानी ओसीआई कार्डधारकों पर कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए यात्रा संबंधी अंकुशों में ढील के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया है
- ओसीआई कार्ड..

भारतीय-अमेरिकियों ने भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों यानी ओसीआई कार्डधारकों पर कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए यात्रा संबंधी अंकुशों में ढील के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया है। ओसीआई कार्ड वैश्विक स्तर पर भारतीय मूल के लोगों को जारी किया जाता है। इन लोगों को वोट देने तथा सरकारी सेवा का हिस्सा बनने और कृषि भूमि खरीदने के अधिकार नहीं होता। हालांकि, इसके अलावा इन्हें भारतीय नागरिकों की तरह ही सभी अधिकार होते हैं।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को विदेश में फंसे कुछ श्रेणियों के ओसीआई कार्डधारकों को देश में आने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इससे पहले सरकर ने कोविड-19 महामारी की वजह से नए अंतरराष्ट्रीय यात्रा अंकुशों की वह से विदेशी नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों का वीजा स्थगित कर दिया था। भारत में वीजामुक्त यात्रा की छूट से अमेरिका जैसे देशों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों और भारतीय नागरिकों को परेशानी हो रही थी। इनमें काफी संख्या में लोगों के बच्चे ओसीआई कार्डधारक हैं क्योंकि उनका जन्म यहां हुआ।
एयर इंडिया की विशेष उड़ानों में सवार होने की अनुमति नहीं मिली थी
आर्थिक संकट की वजह से अपनी नौकरी गंवा चुके कई भारतीय अभिभावकों भारत लौटने के लिए एयर इंडिया की विशेष उड़ानों में सवार होने की अनुमति नहीं मिली थी, क्योंकि उनके बच्चे ओसीआई कार्डधारक हैं इसके मद्देनजर कई लोगों ने अपनी परेशानी हो रही थी। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये अपनी दिक्कतों का जिक्र भारतीय नेताओं के समक्ष किया था।
सामाजिक कार्यकर्ता और जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी ने कहा कि यह ओसीआई कार्डधारकों के लिए बड़ी राहत है। मुझे खुशी है कि भारत सरकार ने उनकी आवोज को चुना। गीता सोमानी ने कहा कि इससे अभिभावकों को काफी राहत मिली है। उनके नाबालिग बच्चे ओसीआई कार्डधारक हैं और उन्हें भी भारत वापस जाने की जरूरत है। सोमानी ने कहा कि चार लोगों के उनके परिवार में उनकी छह साल की पुत्री ओसीआई कार्डधारक है। शेष भारतीय नागरिक और उनका वीजा समाप्त होने जा रहा है। लेकिन पूर्व में ओसीआई कार्डधारकों पर यात्रा अंकुशों की वजह से वे यात्रा नहीं कर पा रहे थे। सोमानी ने कहा कि अब वे घर वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


