Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Increase your income with SIP of just Rs 250 take advantage of stock market

सिर्फ 250 रुपये की एसआईपी से बढ़ाएं अपनी इनकम, शेयर बाजार का उठाएं लाभ

SIP: वर्तमान में एसआईपी की न्यूनतम मासिक किस्त 500 रुपये है, लेकिन बाजार नियामक सेबी ने इसे और लोकप्रिय बनाने के लिए एसआईपी निवेश की न्यूनतम सीमा को 250 रुपये करने का फैसला किया है।

Drigraj Madheshia एजेंसी, नई दिल्लीThu, 14 Dec 2023 08:07 AM
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सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में न्यूनतम निवेश की सीमा को 250 रुपये करने के सेबी के निर्णय से आने वाले समय में इस निवेश राशि में और उछाल आने की संभावना है। एसआईपी म्यूचुअल फंड कंपनियों की तरफ से पेश एक निवेश पद्धति है। इसमें एक व्यक्ति एकमुश्त निवेश के बजाय किसी चुनी हुई योजना में समय-समय पर निश्चित अंतराल पर एक निश्चित राशि का निवेश कर सकता है।

वर्तमान में एसआईपी की न्यूनतम मासिक किस्त 500 रुपये है, लेकिन बाजार नियामक सेबी ने इसे और लोकप्रिय बनाने के लिए एसआईपी निवेश की न्यूनतम सीमा को 250 रुपये करने का फैसला किया है। आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ए बालसुब्रमण्यम ने कहा कि छोटे आकार की एसआईपी होने से आबादी के निम्न आय वर्ग के लिए भी म्यूचुअल फंड में निवेश के दरवाजे खोलेंगे।

जारी रहेगा एसआईपी में तेजी का रुझान: मोतीलाल ओसवाल एएमसी के मुख्य कारोबार अधिकारी अखिल चतुर्वेदी ने उम्मीद जताई कि समग्र एसआईपी भागीदारी में साल-दर-साल लगातार स्वस्थ दर से वृद्धि जारी रहेगी। उन्होंने कहा, उत्साही आर्थिक दृष्टिकोण और बढ़ी हुई बाजार भागीदारी के साथ एक अनुशासित और सुलभ निवेश विकल्प के रूप में एसआईपी को निवेशकों का साथ बने रहने की संभावना है। हेल्दी रिटर्न की संभावना को देखते हुए एसआईपी में तेजी का रुझान समूचे 2024 तक जारी रहने की उम्मीद है।

उद्योग विशेषज्ञों ने निवेश में वृद्धि के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया है। इनमें एम्फी की तरफ से फैलाई जा रही जागरूकता, जनसांख्यिकी, इक्विटी निवेश पर मजबूत रिटर्न और निवेश में सहूलियत शामिल हैं।

बीते 11 माह में 1.66 लाख करोड़ का निवेश: एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल नवंबर तक एसआईपी के जरिये किया गया कुल निवेश 1.66 लाख करोड़ रुपये रहा। यह राशि 2022 के समूचे साल में 1.5 लाख करोड़ रुपये, 2021 में 1.14 लाख करोड़ रुपये, 2020 में 97,000 करोड़ रुपये रही थी।

मासिक एसआईपी अंशदान दिसंबर, 2022 के 11,305 करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर, 2023 में 17,073 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। इससे पहले, सितंबर और अक्टूबर में एसआईपी से मासिक योगदान 16,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा था।

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