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5 अगस्त, 2020|11:51|IST

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बदला नियम, अब मील वाउचर पर टैक्स छूट नहीं

नए इनकम टैक्स स्लैब को चुनने वालों के लिए एक परेशान करने वाली खबर है। इनकम टैक्स विभाग ने ऐसे लोगों को झटका देते हुए  नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए मुफ्त भोजन पर छूट का दावा करने के लिए नियमों में बदलाव किया है। विभाग की एक अधिसूचना में, आयकर विभाग ने कहा है कि धारा 115BAC के तहत नए टैक्स स्लैब का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को भोजन कूपन या वाउचर पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। 

बता दें आयकर विभाग कर्मचारियों को दफ्तर के समय काम के दौरान एक नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए मुफ्त भोजन या पेय पदार्थों को कर्मचारियों के लिए एक व्यक्तिगत लाभ और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए व्यय नहीं मानता है। इसलिए, नए स्लैब के तहत वापस लिए गए अन्य भत्तों के समान, इस तरह के मुफ्त भोजन या पेय पदार्थों पर टैक्स छूट को नई योजना के तहत वापस ले लिया गया है। 

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क्लीयरटेक्स  के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ताने कहा, "नई कर व्यवस्था प्रभावी वित्त वर्ष 2020-21 के तहत, एक कर्मचारी अब भुगतान किए गए वाउचर के माध्यम से दिए गए भोजन कूपन के लिए छूट का दावा नहीं कर सकता है। छूट मूल्य 50 प्रति भोजन है।"

  • कार्यालय या व्यावसायिक परिसर में किसी नियोक्ता द्वारा दिए गए मुफ्त भोजन और गैर-मादक पेय की लागत.
  •  काम के घंटों के दौरान प्रदान की जाने वाली चाय और स्नैक्स.
  •  एक दूरदराज के क्षेत्र में काम करने के लिए काम के घंटों के दौरान प्रदान किए गए मुफ्त भोजन और गैर-मादक पेय.

हाल ही में एक अधिसूचना में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वेतनभोगी कर्मचारियों को नई कर व्यवस्था के लिए छूट देने से संबंधित नियमों में संशोधन किया था, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने आखिरी बजट में पेश किया था। नियम 3 के अनुसार, अनुलाभ मूल्यांकन के साथ काम करने वाले संशोधन में कहा गया है कि "भुगतान किए गए वाउचर के माध्यम से ऐसे नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए मुफ्त भोजन और नॉन अल्कोहलिक पेय के संबंध में पहले अनंतिम छूट में प्रदान की गई छूट एक कर्मचारी पर लागू नहीं होगी। "


संशोधित नियम 2021-22 के आकलन वर्ष से लागू होगा

यह अधिसूचना यह भी स्पष्ट करती है कि मुफ्त भोजन / पेय / भोजन कूपन को छोड़कर, नियम 3 के तहत निर्दिष्ट अन्य अनुलाभों का कर उपचार, जैसे किराया मुफ्त आवास, मोटर कार, मुफ्त / रियायती शिक्षा सुविधा, टेलीफोन, रियायती ऋण, उपहार, नियोक्ता द्वारा प्रदान की जाने वाली राशि पुरानी योजना के तहत और नई योजना के तहत समान रहेगी।

पुराने टैक्स कानून के हिसाब से ये है नियम 

आप चाय, कॉफी या खाने पर खर्च जरूर करते होंगे। कंपनी आपकी सैलरी पैकेज में से सालाना 26,200 रुपये कम कर आपको हर महीने 2200 रुपये का फूड वाउचर दे सकती है। आप इस वाउचर का इस्तेमाल न सिर्फ अपने दफ्तर में खाने, चाय-कॉफी, बिस्कुट आदि के पेमेंट के लिए कर सकते हैं। बल्कि बिग बाजार और रिलायंस फ्रेश जैसे स्टोर से भी खाने-पीने की चीजें खरीद सकते हैं। अगर आप 30% टैक्स स्लैब में आते हैं तो आप फूड वाउचर की मदद से साल में करीब 6900 रुपये का इनकम टैक्स बचा सकते हैं।

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  • Web Title:Income tax department changed rules no more tax exemption on meal vouchers