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बिजनेसइनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नोटिस मिलने पर ऐसे करें अपना बचाव, जानें एक्सपर्ट्स की राय 

लाइव मिंट,नई दिल्लीPublished By: Tarun Singh
Tue, 11 May 2021 04:20 PM
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नोटिस मिलने पर ऐसे करें अपना बचाव, जानें एक्सपर्ट्स की राय 

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हमारे खर्चों (कैश और डिजिटल) पर पहले की अपेक्षा अब और अधिक नजर रखने लगा है। इसलिए अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त कोई छोटी सी भी गलती करते हैं तो डिपार्टमेंट की तरफ से आपको नोटिस मिलने की संभावना बनी रहती है। अगर आपको डिपार्टमेंट की तरफ से नोटिस मिलता है तो उससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिपार्टमेंट आपको अपने बचाव के लिए एक निश्चित समय देता है। 

टैक्स और इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट जितेन्द्र सोलंकी कहते हैं, 'इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हमारे डिजिटल और कैश दोनों माध्यमों के लिए नोटिस भेज सकता है। जैसे ही नोटिस मिलता है सबसे पहले उसके कारण को ठीक से समझना चाहिए। कारण मिलने के बाद इनकम टैक्स पोर्टल में लाॅगइन करें, वहां 26AS फाॅर्म को चेक करें।' सोलंकी कहते हैं कि एक बार कारण पता चलने के बाद आप टैक्सपेयर्स को खुद ही अपना बचाव करना होगा। इनकम टैक्स की वेबसाइट के होम पेज पर टैक्सपेयर्स अपना पक्ष रख सकता है। 

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ऐसे में सवाल उठता कि कैश ट्रांजैक्शन के विरोध में नोटिस आता है तब क्या करना चाहिए। ऐसी स्थिति पर बात करते हुए आरएसएम के फाउंडर डाॅ सुरेश सुराना बताते हैं, 'ट्रांजैक्शन पर कई तरह की सीमाएं होती हैं। अगर आपके द्वारा किसी नियम का उल्लंघन होता है तो ऐसी स्थिति में टैक्स पेयर्स को एसएमएस या फिर ई-मेल के जरिए जानकारी मिलती है।' डाॅ सुरेश बताते हैं कि ऐसे नोटिस के लिए टैक्स पेयर्स अपना जवाब कुछ ऐसे दे सकते हैं- 

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स्टेप 1- इनकम टैक्स पोर्टल incometaxindiaefilling.gov.in पर लाॅगइन करें। 

स्टेप 2- सबसे पहले e-campaign - High Value Transaction' पर क्लिक करें फिर Compliance Portal पर जाएं और My Account टैब ओपन करें। 

स्टेप 3- टैक्सपेयर्स को फाइनेंशियल ईयर का सिलेक्ट करना होगा। OK के बटन पर क्लिक करते ही सारी जानकारी मिल जाएगी। 

स्टेप 4- टैक्सपेयर्स को केस के अनुसार इन विकल्पों में से चयन करना होगा। 

• जानकारी सही है। 
• जानकारी पूरी तरह से सही नहीं है। 
• जानकारी अन्त व्यक्ति या साल से संबंधित है। 
• जानकारी ड्यूप्लिकेट है। 
• जानकारी स्वीकार्य नहीं है। 

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स्टेप 5- टैक्सपेयर्स को जानकारी का सोर्स स्पष्ट करना होगा। जैसे ट्रांजैक्शन अमाउंट या फिर कुछ और। इसके बाद ऑप्शन सी के तहत पैन कार्ड, व्यक्ति से संबंध जैसी जानकारीदेनी होगी। 

स्टेप 6- जो जानकारी दी गई है वह e-campaign tab के अंतर्गत जानकारी देखी जा सकेगी। 

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