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इमरान खान ने पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली पर तोड़ी चुप्पी, विपक्षी पार्टियों पर मढ़ा दोष

पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान (AP)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इफ्तार के लिए इस्लामाबाद में एकत्रित हुई विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए उन्हें देश की आर्थिक बदहाली एवं भारी विदेशी कर्ज के लिए जिम्मेदार ठहराया। पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) की नेता मरियम नवाज ने एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो से उनकी ओर से रविवार को दी गई इफ्तार पार्टी में मुलाकात की।

यह पहली बार है जब मरियम का बिलावल के साथ आमना-सामना हुआ जिनकी दिवंगत मां बेनजीर भुट्टो जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कड़ी प्रतिद्वंद्वी थी लेकिन बाद में दोनों ने सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के खिलाफ एक-दूसरे से हाथ मिला लिया था। इफ्तार-रात्रिभोज में आवामी नेशनलिस्ट पार्टी नेता असफंदियार वली, पशतूनख्वा मिलि आवामी पार्टी के प्रमुख महमूद खान अचकजई समेत विपक्ष के अन्य नेता शामिल हुए।

खराब से भी खराब हुई पाकिस्तान की हालत, नेपाली मुद्रा से भी नीचे पाक रुपया

खान ने कहा, “ये लोग (विपक्षी नेता) लोकतंत्र के बचाव के नाम पर एकत्रित हुए। असल में वे देश के मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार हैं।” खान ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार ने ऐसे कठिन समय में कार्यभार संभाला जब देश का कर्ज ऐतिहासिक रूप से अत्याधिक था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रगति के लिए आशान्वित है और वह साबित करेंगे कि पाकिस्तान क्षेत्र में शीर्ष पर रहेगा।

गौरतलब है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये के भाव में लगातार गिरावट के कारण यह दक्षिण एशिया की अहम मुद्राओं के मुकाबले सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच गया है। एक्सचेंज कंपनीज एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक खुले बाजार में एक डॉलर का मूल्य 151 पाकिस्तानी रुपये के बराबर हो गया है। जबकि एक डॉलर के मुकाबले मौटे तौर पर अफगानिस्तान की मुद्रा का मूल्य 80, भारतीय रुपये का मूल्य 70, बांग्लादेशी टके का 84, नेपाली रुपये का 112 के आसपास है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी रुपये में अकेले मई महीने के दौरान 29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जबकि इस दौरान अफगानिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की मुद्राएं स्थिर बनी हुई हैं। पाकिस्तान की दयनीय स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार सिमटकर केवल 8.846 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है। आर्थिक संकट इस हद तक बढ़ गया है कि लिए गए कर्ज का ब्याज चुकाने में भी पाकिस्तान को आर्थिक मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।

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  • Web Title:Imran Khan blames opposition parties for Pakistan economic woes