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27 अक्तूबर, 2020|9:50|IST

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चीनी उत्पादों के आयात पर लगेगा अंकुश, आयात के लिए लाइसेंस जरूरी होगा

371 गैर-जरूरी चीनी सामानों पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है सरकार , 40 फीसदी हिस्सा चीन से आता है इलेक्ट्रिकल मशीनरी का करीब 

चीन से लगातार तल्ख होते रिश्तों के बाद भारत सरकार दर्जनभर चीनी उत्पादों के आयात के लिए लाइसेंस जरूरी करने की तैयारी में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, चीन से आयातित एयर कंडिशनर, पाम तेल, टेलीविजन सेट सहित करीब दर्जनभर चीनी उत्पादों के आयात पर सख्त रुख अपनाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार एयर कंडिशनर और इससे जुड़े उत्पादों को रोक कर घरेलू मैन्यफैक्चरिंग कंपनियों को बाजार मुहैया कराना चाह रही है। इसके लिए कई तरह से तैयारी की जा रही है, जिसमें सीमा शुल्क में वृद्धि, तकनीकी मानक में वृद्धि और किसी खास बंदरगाह से विशिष्ट वस्तुओं के प्रवेश की अनुमति शामिल हैं।

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इसके साथ ही सरकार कुछ खास देशों से आयात पर रोक लगाने के लिए लाइसेंस की जरूरत का प्रावधान करने जा रही है। यानी चीन सहित कुछ देशों से एसी, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि के आयात के लिए निर्यातक के पास भारत सरकार की ओर से मिला लाइसेंस होना जरूरी होगा। इसके नहीं होने से वह भारत में सामान का आयात नहीं कर पाएगा। इसी तरह, किसी खास बंदरगाह के माध्यम से प्रवेश से माल की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी। 

घरेलू कंपिनियों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव 

सरकार की योजना चीनी सामान पर निर्भरता खत्म कर आत्मनिर्भर बनने के लिए घरेलू उत्पादक कंपनियों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। स्टील, एल्यूमीनियम, फुटवियर, और एयर कंडीशनर उन वस्तुओं के शुरुआती सूची में शामिल हैं जिसके घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को सबसे पहले प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। इसके साथ लिथियम आयन बैटरी, एंटीबायोटिक्स, पेट्रोकेमिकल, ऑटो और मोबाइल पार्ट्स, खिलौने सहित अन्य एक दर्जन वस्तुओं के निर्माताओं को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा खेल के सामान, टीवी सेट, सौर उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स एकीकृत सर्किट को भी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में अपनी सूची में शामिल किया है। 

डीजीएफटी को दिया गया जिम्मा

सूत्रों ने कहा कि विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) को ऐसे सामानों के एक सूची बनाने का जिम्मा दिया गया है जिसके आयात के लिए लाइसेंस जरूरी होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के सामने हालिया प्रस्तुति के दौरान, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के एक समूह ने कई उपायों के अलावा उच्च कर्तव्यों के माध्यम से आयात प्रतिबंधों की आवश्यकता की ओर इशारा किया था।

सरकार को साहसिक फैसला लेना होगा 

उद्योग जगत के विशेषज्ञों का कहना है कि चीन से आयात रोकने को लेकर सरकार को साहसिक फैसला करना होगा भले ही कुछ दिनों के लिए हमें महंगे सामान खरीदना पड़े। सभी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को ट्रायल ऑर्डर देने की शुरुआत होनी चाहिए और उसमें कमी या देरी पर भारतीय कंपनियों पर जुर्माने की शर्त नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार के फैसले से भारतीय कंपनियों को टेलीकॉम क्षेत्र में चीन का मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

फैक्ट फाइल

  • 371 गैर-जरूरी चीनी सामानों पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है सरकार 
  • 70.32 अरब डॉलर का था आयात वित्त वर्ष 2018-19 में चीन से भारत को 
  • 16.75 अरब डॉलर था भारत का चीन को निर्यात वित्त वर्ष 2018-19 में 
  • 14.08% हिस्सेदारी चीन की भारत के कुल आयात में 
  • 40 फीसदी हिस्सा चीन से आता है इलेक्ट्रिकल मशीनरी का करीब 
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  • Web Title:Import of Chinese products will be curbed license will be necessary for import