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10 अगस्त, 2020|2:46|IST

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डॉलर के मुकाबले रुपये के मजबूत होने से जानें आप पर क्या होगा असर

डॉलर के मुकाबले बढ़त के साथ 75.04 पर बंद हुआ, छह माह में पांच फीसदी और आ सकती है तेजी 

rupee vs dollar

अमेरिकी मुद्रा में नरमी तथा घरेलू शेयर बाजारों की तेजी के दम पर गुरुवार को अंतरबैंक मुद्रा बाजार में रुपया शुरुआती आंकड़ों के आधार पर 56 पैसे की बढ़त लेकर 75.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात इसी तरह सुधरते रहे तो भारतीय मुद्रा साल के अंत तक पांच फीसदी तेजी के साथ 72 रुपये के स्तर पर भी पहुंच सकती है। उनका यह भी कहना है कि  सरकार के साथ उपभोक्ताओं, कंपनियों और निवेशकों को भी मजबूत रुपये का लाभ मिलेगा।

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 75.51 पर खुला और कारोबार के दौरान चढ़ता गया। कारोबार के समाप्त होने के बाद शुरुआती आंकड़ों के आधार पर यह 75.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 56 पैसे की मजबूती दर्शाता है। बुधवार को रुपया 75.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान रुपया 74.99 प्रति डॉलर के दिवस के उच्चतम स्तर और 75.53 प्रति डॉलर के निचले स्तर के दायरे में रहा।

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कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों के बढ़त में रहने तथा डॉलर में नरमी रहने से रुपये को समर्थन मिला। दवा कंपनी फाइजर द्वारा कोरोना वायरस के टीके के सकारात्मक परिणाम आने की जानकारी दिये जाने से भी निवेशकों की धारणा को बल मिला। इस बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के बास्केट में डॉलर का सूचकांक 0.26 प्रतिशत गिरकर 96.94 पर आ गया। कच्चा तेल के वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा 1.40 प्रतिशत बढ़कर 42.62 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

ऐसी रही रुपये की चाल

  • 76.91 रुपये प्रति डॉलर गिर गया था रुपया जून की शुरुआत में
  • 72 रुपये के स्तर पर आने की संभावना इस साल के अंत तक
  • 01 रुपये की मजबूती से तेल कंपनियों को 8000 करोड़ सालाना लाभ
  • 500 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है विदेशी मुद्रा भंडार


रुपये के मजबूत होने से इन क्षेत्रों को होगा लाभ

कच्चा तेल पर असर: इस क्षेत्र को रुपये की मजबूती से राहत मिलेगी, क्योंकि यह आयात किया जाता है। कच्चे तेल का आयात बिल में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा कम खर्च करना होगा। 

कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान: रुपये की मजबूती से इस सेक्टर को भी राहत मिलेगी, क्योंकि रुपये की मजबूती से भारत में सस्ते कैपिटल गुड्स मिलेंगे। रुपये मजबूत हो तो इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र को भी लाभ हासिल होगा, क्योंकि सस्ते इलेक्ट्रॉनिक गु्ड्स आयात किए जा सकेंगे।  रुपये की मजबूती का सकारात्मक असर जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर दिखाई देगा। इससे यह सस्ता होगा और आयात पर भी इसका असर आएगा। 

उर्वरक की कीमत घटेगी:  भारत बड़ी मात्रा में जरूरी उर्वरकों और रसायन का आयत करता है। रुपये की मजबूती से यह भी सस्ता होगा। आयात करने वालों को यह कम दाम में ज्यादा मिलेगा। इससे इस क्षेत्र को सीधा फायदा होगा। साथ ही किसानों को भी लाभ होगा,उनकी लागत घटेगी जिससे आय बढ़ेगी।
 
रुपये की मजबूती ने इन क्षेत्रों को झटका

  • आईटी क्षेत्र: रुपये की मजबूती से इस सेक्टर पर प्रतिकूल असर आएगा। कंपनियों को मिलने वाले काम पर आय कम होगी जिससे उनको नुकसान होगा। 
  • दवा निर्यात:  रुपया मजबूत होने से इस सेक्टर का निर्यात भी घटेगा। हालांकि, भारत बड़ी मात्रा में दवा और उसका कच्चा माल आायत करता है जिसमें उसे थोड़ी राहत मिलगी।
  • कपड़ा क्षेत्र को घाटा: रुपया मजबूत होता है तो इस सेक्टर को निर्यात में काफी नुकसान होता है। टेक्सटाइल निर्यात में भारत वैश्विक रैकिंग में फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। यदि रुपया मजबूत हुआ तो इस सेक्टर को भी काफी नुकसान होगा। 
  • पढ़ाई महंगी होगी: रुपया मजबूत होने से विदेशी में पढ़ाई करना महंगा हो जाएगा। साथ ही विदेश यात्रा भी महंगी हो जाएगी।
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