DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

IL&FS मामला: पूर्व प्रमुख बावा की पत्नी, बेटी की गुहार; बैंक खातों पर लगी रोक हटाएं

il fs

आईएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज के पूर्व प्रमुख रमेश चंद्र बावा की पत्नी आशा किरण और बेटी आकांक्षा ने अपने खातों पर लगी रोक हटाने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का रुख किया। उनके वकील ने कहा कि दोनों का नाम गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की रिपोर्ट और आरोप - पत्र में नहीं है।

हालांकि, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के वकील ने अपनी दलील में कहा है कि एसएफआईओ की जांच के अनुसार , याचिकाकर्ताओं को बावा के जब्त किए गए बैंक खातों से 12 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। इसके अलावा यह भी पाया गया है कि एनसीएलटी के पिछले दिसंबर को लॉकर जब्ती के आदेश के बाद दोनों ने बावा के लॉकरों का भी उपयोग किया। इस प्रकार यह न्यायाधिकरण की अवमानना है।

IL&FS समूह की तीन इकाइयों का गारंटीशुदा कर्जदाताओं से करार

आशा किरण के वकील की दलील है कि "आशा किरण और आकांक्षा का नाम मामले में दायर आरोप - पत्र में नहीं है और इसलिए उनके खातों पर रोक लगाने को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय ने आशा किरण और आकांक्षा पर अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है और उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है।

वकील ने कहा, "पैसे के हस्तांतरण के अलावा , उन पर कोई आरोप नहीं है।" उन्होंने कहा, "आशा किरण ने एनसीएलटी के आदेश के बाद भी लॉकरों का परिचालन कर रही है क्योंकि न्यायाधिकरण ने भारतीय बैंक एसोसिएशन को लॉकर जब्त करने को लेकर निर्देश नहीं दिए थे।" उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किल अपने खातों में भेजे गए 4.81 करोड़ रुपये लौटाने के लिए तैयार हैं।

एनसीएलटी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित  रख लिया है। मंत्रालय के वकील ने कहा कि एसएफआईओ की जांच में पाया गया है कि पिछले साल दिसंबर में खातों पर रोक लगने के बाद आशा किरण के खाते से एएए इंफोसिस्टम्स और आब इंफ्रास्ट्रक्चर को 12 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए थे ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ILnadFS case Ramesh Chandra Bawa wife and daughter seek to de freeze bank Account