10000 रुपये महीना पेंशन पाने का आज से फिर मिल रहा मौका
मुख्य बातें
- भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सोमवार को संशोधित प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) पेश की
- इस पेंशन योजना के लिये केंद्र सरकार अनुदान प्रदान करती है
- संशोधित योजना मंगलवार से खरीद के..

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सोमवार को संशोधित प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) पेश की। इस पेंशन योजना के लिये केंद्र सरकार अनुदान प्रदान करती है। संशोधित योजना मंगलवार से खरीद के लिए उपलब्ध होगी। केंद्र सरकार ने इस योजना में संशोधन कर 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले लोगों के लिए दरों में बदलाव किया है। इस योजना को चलाने का एकाधिकार एलआईसी के पास है। बता दें सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) की अवधि तीन साल के लिए और बढ़ा दी है। साथ ही इस मिलने वाली सालाना प्रतिफल की दर घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दी। पिछले वित्त वर्ष में ब्याज दर 8 प्रतिशत थी
एलआईसी ने एक बयान में कहा कि संशोधित योजना खरीद के लिये मंगलवार से तीन वित्त वर्ष के लिये यानी मार्च 2023 तक के लिए उपलब्ध रहेगी। कंपनी ने कहा कि इसे ऑफलाइन के साथ ही उसकी वेबसाइट से ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है। इस योजना की परिपक्वता अवधि 10 साल है। इसमें पहले साल 7.40 प्रतिशत का सुनिश्वित प्रतिफल दिया जाएगा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएमवीवीवाई को 31 मार्च 2020 से अगले तीन वर्ष अर्थात 31 मार्च 2023 तक बढ़ा दिया। साथ ही प्रारंभ में 2020-21 के लिए 7.40 प्रतिशत की सुनिश्चित प्रतिफल दर तय किया गया है और उसके बाद हर साल दर की समीक्षा की जाएगी। सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में 8 प्रतिशत के निश्चित रिटर्न के साथ योजना की अवधि बढ़ाकर मार्च 2020 कर दी थी। साथ ही इसमें निवेश की सीमा भी दोगुनी कर 15 लाख कर दी गई थी।
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विज्ञप्ति के अनुसार इसमें वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) की संशोधित प्रतिफल दर के अनुरूप प्रतिफल की दर में वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से प्रभावी वार्षिक समायोजन की व्यवस्था की मंजूरी दी हैं। अभी इसकी अधिकतम सीमा 7.75 प्रतिशत रखी गई है, लेकिन इस सीमा के टूटने पर इस योजना में प्रतिफल की समीक्षा किसी भी समय की जा सकेगी। वरिष्ठ नागरिकों की निश्चित आय सुरक्षा वाली इस योजना का क्रियान्वयन भारतीय जीवन बीमा निगम कर रहा है।
मिलती है गारंटीशुदा न्यूनतम पेंशन
इस योजना का मकसद वरिष्ठ नागरिकों (60 साल और उससे ऊपर) को गारंटीशुदा न्यूनतम पेंशन उपलब्ध कराना है जो खरीद मूल्य पर मिलने वाले निश्चित प्रतिफल पर आधारित है। सरकार की वित्तीय जवाबदेही निवेश राशि पर एलआईसी द्वारा अर्जित बाजार रिटर्न और 7.4 प्रतिशत की रिटर्न (गारंटी शुदा प्रतिफल) के बीच कम पूरा करने तक सीमित है। यह व्यवस्था 2020-21 के लिए है और उसके बाद इस योजना पर ब्याज दर हर साल वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) के अनुरूप तय होगी।
योजना के प्रबंधन पर पहले साल के खर्च को निवेश राशि के 0.5 प्रतिशत पर नियत किया गया है। दूसरे साल से अगले नौ साल तक खर्च 0.3 प्रतिशत सालाना तय किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, ''इस पर वित्तीय देनदारी वित्त वर्ष 2023-24 में 829 करोड़ रुपये से अंतिम वित्त वर्ष 2032-33 में 264 करोड़ रुपये के दायरे में हो सकती है।वास्तविक आधार पर वार्षिक भुगतान के लिए सब्सिडी प्रतिपूर्ति के 614 करोड़ रुपये होने का उम्मीद है। हालांकि वास्तविक ब्याज अंतर (सब्सिडी) नई जारी पालिसियों की संख्या में शर्तों के वास्तविक आधार पर पर निर्भर होगी। योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में की गई थी। दस साल की इस योजना में पेंशन मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना ली जा सकती है।
ये है हेल्पलाइन नंबर
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप 022-67819281 या 022-67819290 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर- 1800-227-717 और ईमेल onlinedmc@licindia.com के जरिए भी स्कीम के फायदे को समझा जा सकता है। इसके अलावा https://eterm.licindia.in/onlinePlansIndex/pmvvymain.do लिंक पर जाकर विस्तार से स्कीम के बारे में समझ सकते हैं।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


