DA Image
2 जुलाई, 2020|10:49|IST

अगली स्टोरी

अगर लॉकडाउन में दिए हैं किसी को चेक या डिमांड ड्रॉफ्ट तो पढ़ें यह खबर

supreme court on home delivery of liquor

सुप्रीम कोर्ट ने चेक या डिमांड ड्रॉफ्ट की वैधता अवधि की गणना में कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के समय को निकालने की याचिका खारिज कर दी है। रिजर्व बैंक ने नवंबर, 2011 में इस बारे में निर्देश जारी किए थे। केंद्रीय बैंक ने चार नवंबर, 2011 को जारी निर्देश में कहा था कि एक अप्रैल, 2012 से बैंक चेक-ड्रॉफ्ट-पे ऑर्डर-बैंकर्स चेक का भुगतान उस पर अंकित तारीख के तीन महीने बाद नहीं कर कर सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए टीजर लोन का सहारा, कम ईएमआई और गाड़ी की कुल कीमत का 100 फीसद तक कर्ज की सुविधा

न्यायमूर्ति आर भानुमति की अगुवाई वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की। पीठ ने कहा कि याचिका में जो मुद्दा उठाया गया है वह नीतिगत फैसला है और अदालत इस तरह के मुद्दों पर कोई निर्देश जारी नहीं कर सकती। 

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन में भारी-भरकम क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने की चिंता हो रही है तो ये हैं आसान उपाय

याचिकाकर्ता ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में लॉकडाउन की अवधि को चेक की वैधता के समय में शामिल नहीं करने का निर्देश देने की अपील की थी। पीठ ने कहा कि हमारा विचार है कि यह रिजर्व बैंक द्वारा लिया गया नीतिगत फैसला है और न्यायालय इस पर कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता। पीठ ने इस याचिका को 'टिकने योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:If you have given cheque demand draft in lockdown then read this news validity period of cheque