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एक ही पते पर सैकड़ों मुखौटा कंपनियों का खेल अब नहीं चलेगा

सवा दो लाख मुखौटा कंपनियों पर लटकी तलवार

एक ही पते पर सैकड़ों मुखौटा कंपनियों का पंजीकरण कराकर फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों का खेल अब नहीं चलेगा। सरकार इसको रोकने के लिए जियो टैगिंग का सहारा लेगी।

कारपोरेट मामलों के मंत्री पीपी चौधरी ने एक इंटरव्यू में कहा कि ऑफ कंपनीज में कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय को अब जियो टैग दिया जाएगा। इससे कंपनी के कार्यालय की सही स्थिति की जानकारी हमेशा सुनिश्चित रहेगी।

अगर उसी पते पर सैकड़ों कंपनियों का पंजीकरण कराया जाता है तो ऑनलाइन ही इसका पता चल जाएगा और मुखौटा कंपनियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।

इसके जरिये धोखाधड़ी और गैरकानूनी कारोबार पर रोक लगेगी। अगर कंपनियों का एक ही फोन नंबर और एक निदेशक होगा और उसके राजस्व में अप्रत्याशित बदलाव होगा, तो भी पता चल जाएगा। 

चौधरी ने कहा कि मुखौटा कंपनियों के जरिये तमाम कंपनियां फर्जी बिल बनाकर लागत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती हैं और फर्जी लेनदेन के जरिये कर्ज या इक्विटी के रूप में बेहिसाब अघोषित धन इकट्ठा करती हैं।

सरकार सिर्फ कागजों पर चलने वाली ऐसी सवा दो लाख कंपनियों का पंजीकरण पहले ही रद्द कर चुकी है और एक लाख से ज्यादा अन्य कंपनियों पर गाज गिरने वाली है। 

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  • Web Title:Hundreds of mask companies will no longer play at the same address