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नहीं लिया है हेल्थ इंश्योरेंस लेकिन इलाज पर हुए खर्च पर उठा सकते हैं टैक्स छूट का फायदा

बिना हेल्थ इंश्योरेंस के भी इलाज पर हुए खर्च पर टैक्स छूट ली जा सकती है। साथ ही बेटी को कैश में दिए उपहार पर भी टैक्स लग सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस, उपहार, इनकम टैक्स रिफंड को लेकर टैक्सपेयर्स के कुछ ऐसे ही सवालों का जवाब चार्टेड अकाउंटेंट के. सी. गोदुका ने दिया।

सवाल - मैं सरकारी कर्मचारी हूं। मैं अपनी पुत्री को कुछ धन उपहार में देना चाहती हूं। क्या यह कर योग्य आय में घटाया जाएगा। -सुनीता जेम्स
जवाब - जी नहीं। उपहार सदैव कर अदा करने के बाद जो धन आपके पास बचता है, उसी में से दिया जाता है। हां आपकी पुत्री को इस पर कर अदा नहीं करना पड़ेगा क्योंकि आयकर की धारा 56(2) के तहत मां द्वारा पुत्री को दिया उपहार सदैव कर मुक्त होता है चाहे कितनी भी राशि का हो। 

सवाल - मैं सरकारी कर्मी हूं। मैंने कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लिया, लेकिन मेरी चिकित्सा पर व्यय हुआ है। क्या मैं धारा 80डी के तहत छूट प्राप्त कर सकता हूं। यदि हां तो कितनी? -शिवांगी रिंगोला
जवाब - यदि आपकी आयु 60 साल या इससे अधिक की है तो आप यह लाभ बिना मेडिकल बीमा के, कर निर्धारण वर्ष 2019-20 के तहत आयकर की धारा 80डी में ले सकती हैं। यदि आयु कम है तो फिर यह लाभ प्राप्त नहीं होगा। इसमें अधिकतम छूट 50 हजार रुपये तक की प्राप्त हो सकती है। 

सवाल - मेरी अनिवासी बेटी का एक बैंक द्वारा 1700 रुपये और म्युचुअल फंड द्वारा 230 रुपये टीडीएस काटा गया है। मेरी बेटी की भारत में कर योग्य आय नहीं है और न ही आज तक उसने कर विवरणी भरी है। वह इस राशि का रिफंड नहीं लेने के लिए आईटीआर नहीं भरती है तो कोई कानूनी कार्रवाई तो नहीं होगी ? -दिलीप सक्सेना, दिल्ली
जवाब - जी नहीं। विभाग से कोई नोटिस आता है तो आप ऑनलाइन जवाब दे सकते हैं कि आय न्यूनतम कर योग्य आय से कम होने से आईटीआर जमा नहीं की। इतना जवाब काफी होगा।

सवाल - मैंने आज तक पीपीएफ का कर मुक्त ब्याज और पिता द्वारा गिफ्ट डीड के माध्यम से दिया गया मकान आयकर विवरणी के कर मुक्त कालम में नहीं दिखाया है। अब क्या करुं ? -बिमला, दिल्ली
जवाब - आगे से ध्यान रखें आयकर फॉर्म भरते समय सभी जानकारी का विवरण देना उचित रहता है।

सवाल - मेरे पिता सेवानिवृत्त हैं। उनको सालाना 1800 रुपये पेंशन प्राप्त होती है। अत: उनकी आवश्यकता पूर्ति हेतु मैं उन्हें समय समय पर धन भेजता हूं। इसमें से जो धन बचता है, उसकी वो एफडीआर करवा लेते हैं। मैं यह जानना चाहता हूं कि इस एफडीआर पर जो ब्याज प्राप्त होता है वो मेरी आय होगी या माता-पिता की। -प्रफुल्ल मेहता, दिल्ली
जवाब - एफडीआर से प्राप्त आय माता-पिता की ही आय मानी जाएगी। आप जो कुछ माता-पिता को दे रहे हैं वो एक प्रकार से उपहार ही माना जाएगा।

हेल्थ इंश्योरेंस में न छुपाएं पुरानी बीमारी, क्लेम के समय होगी परेशानी

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  • Web Title:how to take tax benefit on Expenses on health without health insurance