How to save tax on home loan and on rent of house - तैयार घर पर भी ले सकते हैं टैक्स में छूट, जानें कैसे DA Image

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तैयार घर पर भी ले सकते हैं टैक्स में छूट, जानें कैसे

आपने घर खरीद लिया है लेकिन अभी तक कब्जा नहीं मिला है। आप स्वयं किराए पर रह रहे हैं। अब घर का किराया और होम लोन की किश्त दोनों भर रहे हैं। आप दोनों पर टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। चार्टर्ड एकाउंटेंट के सी गोदुका ने टैक्सपेयर्स के टैक्स छूट और निवेश से जुड़े सवालों का जवाब दिया।

सवाल - मैं एक निजी कंपनी में कार्य करता हूं। मैंने एक मकान कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी से सितंबर 2017 में होम लोन लेकर खरीदा। अभी तक मुझे मकान का कब्जा नहीं प्राप्त हुआ। इसी कारण से मैं किराये के मकान में रह रहा हूं। मैंने होम लोन और मकान किराये भत्ता, दोनों का आयकर में लाभ लिया है। क्या मैं आगे भी यह लाभ ले सकता हूं। - अर्पित कुमार, कानपुर
जवाब - आपको मकान का कब्जा नहीं प्राप्त हुआ। इस कारण से आप किराये के मकान में रह रहे हैं। अत: मकान किराये भत्ते का लाभ तो लेना उचित है। जहां तक होम लोन का सवाल है तो लोन पर देय ब्याज की छूट तभी प्राप्त होती है जब मकान पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आपको उसका कब्जा दे दिया हो। कब्जा प्राप्त होने के बाद, निर्माण की अवधि तक का ब्याज आप कब्जे वाले साल के साथ आगे के चार सालों में अर्थात पांच किस्तो में विभाजित करके इसका लाभ ले सकते हैं। जहां तक होम लोन के मूल धन की वापसी का सवाल है तो वो इसकी अदायगी के साथ आयकर की धारा 80 सी के तहत एक लाख पचास हजार तक की छूट के रूप में ले सकते हैं। 

बदलाव! स्टार्टअप एक घंटे में फाइल कर सकेंगे रिटर्न

सवाल - मैं एक वरिष्ठ नागरिक महिला हूं। कर निर्धारण वर्ष 2019-20 के अंतर्गत मैंने अस्पताल में इलाज के लिए भुगतान किया था। परन्तु दावा की अवधि निकल जाने के कारण मुझे इंश्योरेंस से पैसा नहीं मिला। क्या मैं अपने इलाज खर्च कर विवरणी में छूट के रूप में ले सकती हूं। - रमा परदेशी, दिल्ली
जवाब - जी हां। आप आयकर की धारा 80डी के तहत 50 हजार रुपये तक की छूट प्राप्त कर सकती हैं। 

सवाल - मैं इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हूं। मेरी माताजी 68 वर्ष की वरिष्ठ महिला है। मेरी माताजी व मेरे नाम से एक संयुक्त सवधि जमा (एफडी) है। एफडी में माताजी का नाम पहले तथा मेरा नाम दूसरे नंबर पर है। मैं जानना चाहता हूं कि एफडी पर मिलने वाले ब्याज को क्या मुझे आयकर रिटर्न में दिखाना होगा? - मुकेश कुमार शर्मा, बरेली
जवाब - आमतौर पर यह माना जाता है कि एफडी में प्रथम नाम जिनका है, निवेश भी उसी का है। दूसरा नाम तो सुविधा हेतु दिया जाता है। अत: एफडी से प्राप्त ब्याज की आय को माताजी की आय ही मानना चाहिए। परन्तु अगर एफडी में संपूर्ण निवेश आपने किया है तो फिर आपको उपरोक्त एफडी माताजी को उपहार कर देनी चाहिए ताकी उसकी आय को आपकी आय ना माना जाए। 

सवाल - मैनें अपनी आय व बैंक के लोन से मकान बनवाया है। क्या में इसकी वसीयत अपनी बहू के नाम से कर सकता हूं। - प्रताप कुमार, कानपुर
जवाब - आप मकान की वसीयत अपनी बहू के नाम से कर सकते हैं। लेकिन वसीयत का महत्व तभी है जब यह जीवन की समाप्ति के बाद लागू हो अन्यथा इसका महत्व नहीं होगा। जीवन रहते हुए अगर वसीयत लागू होती है तो फिर यह एक उपहार के समान ही होगी। आयकर नियमों के अनुसार पुत्रवधू को दिया गया कोई भी उपहार जो बिना प्रतिफल के है उससे अगर कोई आय होती है तो वह आय आयकर की धारा 64(1)(अप) के तहत संपत्ति के हस्तांतरणकर्ता से होने वाली आय अर्थात आपकी ही मानी जाएगी। 

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