ज्यादातर इंजीनियरों ने लॉकडाउन का कैसे किया इस्तेमाल, जानें यहां
मुख्य बातें
- ज्यादार इंजीनियरिंग स्नातकों ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान खाली वक्त का इस्तेमाल ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया
- एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई

ज्यादार इंजीनियरिंग स्नातकों ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान खाली वक्त का इस्तेमाल ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया। एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई। ब्रिजलैब्ज के एक सर्वेक्षण के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान परंपरागत शिक्षण संस्थान बंद रहे, लेकिन इससे डिजिटल शिक्षा के नए आयाम भी खुले और उसके सर्वेक्षण में 94 प्रतिशत इंजीनियरिंग स्नातकों ने कहा कि उन्होंने घर पर रहने के दौरान इस वक्त का इस्तेमाल नया कौशल सीखने के लिए किया, ताकि हालात सामान्य होने पर उनका रिज्यूमे अधिक प्रभावशाली हो।
यह सर्वेक्षण देश भर में 10 से 14 अगस्त के बीच 1,100 से अधिक इंजीनियरिंग स्नातकों के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार पर आधारित है। ब्रिजलैब्ज की स्थापना मौजूदा इंजीनियरों के बीच कौशल की कमी को पूरा की गई थी, ताकि उन्हें नौकरी के लिए अधिक बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।
केवल 28 प्रतिशत लोगों ने दफ्तर से किया काम
सर्वेक्षण में 42 प्रतिशत लोगों ने पाया कि किसी सवाल के समाधान के लिए ऑनलाइन लाइव सत्र अधिक उपयोगी है, जबकि 21 प्रतिशत ने ऑफलाइन कक्षाओं पर आधारित शिक्षा को बेहतर बताया। सर्वेक्षण में 72 प्रतिशत लोगों ने दूर रहकर काम करने की इच्छा जताई, जबकि 28 प्रतिशत लोग कार्यालय में जाकर काम करना चाहते थे। नौकरी के बारे में 90 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे नियमित, पूर्णकालिक नौकरी पसंद करते हैं।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


