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बढ़ती जीडीपी का आम आदमी पर कैसे पड़ता है असर?

GDP Impact: अगर जीडीपी बढ़ती है तो लोगों पर सकारात्मक प्रभाव होता है और सरकार के हाथ में अधिक पैसा आता है, जिस कारण ये सरकार जन कल्याण पर अधिक पैसा खर्च कर पाती है। कमाई के अवसर बढ़ते हैं।

बढ़ती जीडीपी का आम आदमी पर कैसे पड़ता है असर?
Drigraj Madheshiaनई दिल्ली, एजेंसी।Fri, 01 Dec 2023 07:42 AM
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वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सिंतबर) में भारत आर्थिक वृद्धि दर को सात फीसद से अधिक रखने में कामयाब रहा है। पूरे वित्त वर्ष के लिए भी इसके सात फीसद के आसपास रहने का ही अनुमान है। यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।

आम लोगों पर ऐसे होगा इसका असर:अगर जीडीपी बढ़ती है तो लोगों पर सकारात्मक प्रभाव होता है और सरकार के हाथ में अधिक पैसा आता है, जिस कारण ये सरकार जन कल्याण पर अधिक पैसा खर्च कर पाती है। अगर किसी देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है तो लोगों के लिए कमाने के अवसर बढ़ते हैं और अच्छा पैसा कमाते हैं और इस कारण उनके जीवन स्तर में सुधार होता है।

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रोजगार से सीधा संबंध: जीडीपी वृद्धि और रोजगारी के बीच सीधा संबंध होता है। जब अर्थव्यवस्था अच्छी दर से बढ़ रही होती है, तो उद्योग क्षेत्र और व्यवसाय विस्तार करते हैं। इसके लिए निवेश बढ़ाते और अधिक श्रमिकों-कर्मियों की नियुक्ति करते हैं, जिससे बेरोजगारी में कमी आती है। वहीं, जीडीपी में गिरावट या औसत वृद्धि होने के कारण रोजगार के नए अवसरों में कमी आती है और आय भी नहीं बढ़ती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर: अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है। इससे देश में निवेश के मौके बढ़ेंगे और रोजगार ने नए अवसर भी मिलेंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध, इजराइल या यमन संकट और दक्षिण तथा पूर्व चीन सागर में जारी तनाव के कारण आपूर्ति-शृंखला में व्यवधान तथा आर्थिक अस्थिरता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है। यही नहीं, कमजोर मानसून के कारण भी वृद्धि दर अनुमान को 6.5 फीसदी किया गया था लेकिन अर्थव्यवस्था में तेजी बरकरार है।

दूर हो रहीं बाधाएं: अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, सेवा निर्यात में मजबूत प्रदर्शन के कारण भारत के निर्यात में भी अच्छा प्रदर्शन होने की उम्मीद है। साथ ही मजबूत घरेलू गति ने उच्च खाद्य मुद्रास्फीति तथा कमजोर निर्यात से उत्पन्न बाधाएं दूर होती दिख रही है, जिसके चलते कई रेटिंग एजेंसियों ने वृद्धि अनुमान को बढ़ा दिया है। एसएंडपी ने वित्त वर्ष 2023-24 से लेकर 2025-26 तक देश की जीडीपी में सालाना 6.4 से 7.1 फीसद की वृद्धि का अनुमान जताया है।

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