DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'मतभेदों को दूर करने के लिए संतोषजनक समाधान ढूंढ लेंगे अमेरिका और भारत'

 America ends India tax-free status rating(Photo:HT)

अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और भारत द्विपक्षीय मतभेदों को दूर करने के लिए '' पारस्परिक रूप से संतोषजनक  समाधान ढूंढ लेंगे।" उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अच्छे रिश्ते के बीच में मामूली गतिरोधकों को नहीं आने देना चाहिए।

श्रृंगला की यह टिप्पणियां अमेरिका के ऊर्जा मंत्री रिक पेरी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका के एकसाथ काम करने से विश्व एक बेहतर स्थान बन पाएगा और मतभेदों के बावजूद दोनों पक्ष साथ आएंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और शुल्क को लेकर कायम मतभेदों के संदर्भ में यह बयान दिया था।

श्रृंगला ने कहा, ''हमें इन मामूली गतिरोधकों को अच्छे संबंधों के बीच नहीं आने देना चाहिए।" 'यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम' (यूएसआईएसपीएफ) के दूसरे शिखर सम्मेलन में गुरुवार को भारतीय राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को रणनीतिक रूप से देखा जाता है, सामरिक दृष्टि से नहीं।

'भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है ट्रंप प्रशासन'

वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जरेड कुशनर ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर विशेष रूप से ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत जैसे कुछ ही देश है जिनमें वृद्धि की क्षमता है। कुशनर (38) राष्ट्रपति ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार भी हैं। व्हाइट हाउस में उन्हें सबसे प्रभावशाली और ताकतवर हस्तियों में माना जाता है।

कुशनर ने यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम के दूसरे लीडरशिप सम्मेलन को संबोधित करते ट्रंप द्वारा अमेरिका को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। कुशनर ने कहा कि इसमें से एक भारत के साथ संबंध है जो तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि वहां की आबादी काफी शिक्षित है और वहां के काफी लोग इस देश के साथ समान मूल्य साझा करते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hopeful India US will find mutually satisfactory solution to bilateral differences Says Indian envoy Harsh Vardhan Shringla