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शेयर बाजार शिखर पर हो तो निवेश पर ज्यादा रिटर्न संभव

जब शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर होता है तो आमतौर पर विशेषज्ञ मुनाफावसूली की सलाह देते हैं। हालांकि, यह रणनीति 100 फीसदी सही नहीं है। ऐसा इसलिए की एक तीन और पांच साल के लिए किए गए निवेश में यह देखा गया...

शेयर बाजार शिखर पर हो तो निवेश पर ज्यादा रिटर्न संभव
Drigraj Madheshiaनई दिल्ली। क्लिफर्ड अल्वारेसSat, 02 Jan 2021 09:08 AM
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जब शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर होता है तो आमतौर पर विशेषज्ञ मुनाफावसूली की सलाह देते हैं। हालांकि, यह रणनीति 100 फीसदी सही नहीं है। ऐसा इसलिए की एक तीन और पांच साल के लिए किए गए निवेश में यह देखा गया है कि जिस दिन बाजार नए शिखर पर था उस दिन किए गए निवेश पर अधिक रिटर्न मिला है। वहीं, आम दिन के दौरान किए गए निवेश पर कम रिटर्न मिला है।

रिकॉर्ड ऊंचाई पर निवेश करना कितना सही

आमतौर पर निवेशक शेयर की खरीदारी नीचे करते हैं औैर उछाल आने पर बेच कर मुनाफा कमाते हैं। रिकॉर्ड ऊंचाई पर किसी शेयर में निवेश करना गलत रणनीति माना जाता है लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है। ऐसा इसलिए कि जब बाजार में बुल रन (तेजी का दौर) होता है तो शेयर का नीचे आने का इंतजार करना सही नहीं होता है। ऐसे में जो निवेशक बाजार के साथ ऊंचे भाव में ही निवेश करते रहते हैं वह शानदार रिटर्न पाते हैं क्योंकि बाजार तेजी से ऊपर चढ़ता जाता है। जब बाजार में दो या तीन साल का बुल रन होता है वह ऊंचे भाव पर खरीदे गए शेयर का औसत मूल्य कम हो जाता है।

अवधि आम दिन में निवेश पर रिटर्न

रिकॉर्ड ऊंचाई वाले दिन में निवेश पर रिटर्न

एक साल 11.7 फीसदी

14.6 फीसदी

तीन साल 39.1 फीसदी

50.4 फीसदी

पांच साल 71.4 फीसदी

78.9 फीसदी

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बड़ी गिरावट के बाद भी मोटा रिटर्न

कोरोना संकट के कारण दुनिया के साथ भारतीय शेयर बाजार मार्च महीने में धड़ाम हो गया। जो निवेशक इस संकट को पहले समझे लिए वह फरवरी में ही बाजार से अपना पैसा निकाल लिए, लेकिन जो नहीं समझें वह फंसे रहे गए। फरवरी में निफ्टी इंडेक्स फंड में निवेश करने वाले निवेशक जो अपना पैसा नहीं निकला पाए उन्हें भी इस साल के अंत तक 17 फीसदी का रिटर्न मिला है। हालांकि, यह बाजार की तेज रिकवारी के कारण संभव हो पाया है। यह रुझान ऊंचाई पर निवेश करने को बढ़ावा देता है।

ऊंचाई वाले दिन किए निवेश पर अधिक रिटर्न

जेपी मॉर्गन के अनुसार, जिस निवेशक ने 1988 में एसएंडपी500 में किसी आम दिन निवेश किया उसे एक साल में 11.7 फीसदी का रिटर्न मिला। वहीं, जिसने रिकॉर्ड हाई वाले दिन निवेश किया उसे सालाना आधार पर 14.6 फीसदी का रिटर्न मिला।

निवेशक किन बातों का ख्याल रखें

शेयर बाजार में निवेश से पहले निवेशकों को यह पता होना चाहिए कि वह कितने समय के लिए निवेश कर रहे हैं और बाजार कहां तक जा सकता है। अगर कोई एक दशक के लिए निवेश कर रहा है तो यह मायने नहीं रखता कि बाजार कितनी ऊंचाई पर है। इस हालात में यह भी संभव होता है कि निवेशक बाजार गिरने का इंतजार करता रहता है और वह होता नहीं है। किसी कंपनी का फंउ मैनेजर इसी चीज में मास्टर होता है। उसे पता होता है कि बाजार में कब निवेश करना है और कब बाहर निकलना है।

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