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कैश जीएसटी जमा करने की मिल सकती है मंजूरी, इन मुद्दों पर GST Council की बैठक आज

एजेंसी,नई दिल्लीSheetal Tanwar
Mon, 12 Oct 2020 12:08 PM
कैश जीएसटी जमा करने की मिल सकती है मंजूरी, इन मुद्दों पर GST Council की बैठक आज

कोरोना संकट से मुश्किलों का सामना कर रहे कारोबारी और उद्योग जगत के लिए सरकार हर संभव कदम उठाने को तैयार है। पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार भारतीय कंपनियों को कोविड-19 महामारी के दौरान नकदी संकट से निपटने में मदद करने के लिए नकद आधार पर जीएसटी जमा करने की अनुमति देने पर विचार कर सकती है।रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान उद्योग को आगे और मदद देने के लिए सरकार चुनिंदा क्षेत्रों के लिए जीएसटी भुगतानों को निलंबित करने पर विचार कर सकती है।

पीडब्ल्यूसी ने 'रीइमेजिंग जीएसटी एट3 शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा कि नकदी सहायता योजनाएं वक्त की जरूरत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 'विभिन्न विकसित देशों की तरह ही सरकार ने समयबद्ध बजटीय सहायता योजनाओं की घोषणा की है। इन कदमों के बावजूद, कई क्षेत्र हैं, जिन्हें कवर किया जाना बाकी है।

इन छूट पर भी विचार कर सकती है सरकार

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि कुछ प्रमुख मुद्दों पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए, जिसमें समाप्त स्टॉक पर आईटीसी की पात्रता, मध्यस्थ सेवाओं और छूट योजनाओं की कर देयता शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि इस मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करना चाहिए और जीएसटी के तहत एकमुश्त विवाद निपटान योजना का भी सुझाव दिया गया। 

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क्षतिपूर्ति मुद्दे पर जीएसटी परिषद की बैठक आज

जीएसटी परिषद सोमवार को बैठक में तीसरी बार क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा करेगी। इस बैठक में क्षतिपूर्ति को लेकर आम सहमति बनाने के लिए एक मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के गैर-भाजपा शासित राज्यों के सुझाव पर गौर किया जा सकता है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। पिछली बैठक में क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पाई थी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली परिषद लगातार तीसरी बार जीएसटी राजस्व में कमी की क्षतिपूर्ति को लेकर चर्चा करने वाली है। विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित कुछ राज्य यह सुझाव दे रहे हैं कि इस मामले में आम सहमति बनाने के लिये मंत्रिस्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। हालांकि, भाजपा शासित कर्ज लेने के दिए गए विकल्प पर बीजेपी शासित राज्य पहले ही केंद्र से सहमत हो चुके हैं और इनका मानना है कि उन्हें अब कर्ज लेने की दिशा में आगे बढ़ने की मंजूरी दी जानी चाहिये, ताकि उन्हें शीघ्र धन उपलब्ध हो सके। सूत्रों ने कहा कि जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक का एकसूत्रीय एजेंडा क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर आगे का रास्ता निकालना है। परिषद ने पिछले सप्ताह हुई आखिरी बैठक में यह निर्णय लिया था कि कार, तंबाकू आदि जैसे विलासिता या अहितकर उत्पादों पर जून 2022 के बाद भी उपकर लगाया जाएगा।

यहां फंसा है पेंच

चालू वित्त वर्ष में जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी रहने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने अगस्त में राज्यों को दो विकल्प दिया है। पहले विकल्प के तहत रिजर्व बैंक के द्वारा 97 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के लिये विशेष सुविधा दिये जाने , तथा दूसरे विकल्प के तहत पूरे 2.35 लाख करोड़ रुपये बाजार से जुटाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार का कहना है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में अनुमानित कमी में महज 97 हजार करोड़ रुपये के लिए जीएसटी क्रियान्वयन जिम्मेदार है, जबकि शेष कमी का कारण कोरोना वायरस महामारी है। कुछ राज्यों की मांग के बाद पहले विकल्प के तहत उधार की विशेष ऋण व्यवस्था को 97 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.10 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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