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कारोबारियों को कई राहत का ऐलान, जीएसटी के सरल रिटर्न पर लगी मुहर

जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को रिटर्न सरलीकरण का ऐलान कर कारोबारियों को बड़ी सौगात दी। परिषद ने फैसला किया कि एक जनवरी 2020 से जीएसटी रिटर्न की नई और आसान प्रणाली लागू होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में सालाना जीएसटी रिटर्न जीएसटीआर9, 9ए, 9सी की समयसीमा भी दो माह बढ़ाकर 30 अगस्त करने का निर्णय हुआ। जीएसटी में और कमी के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि किसी विशिष्ट मुद्दे की जगह सबने प्रणाली के सरलीकरण पर जोर दिया। इसी के आधार पर और कदम उठाए जाने की जरूरत है। उत्पादों पर जीएसटी और इसके दायरे में और उत्पादों को लाना भी इसी में शामिल है।

जीएसटी परिषद की 35वीं बैठक के बाद राजस्व सचिव एबी पांडेय ने कहा कि जीएसटी नेटवर्क में पंजीकरण के लिए अब कारोबारी आधार नंबर का भी इस्तेमाल कर पाएंगे। कारोबारियों को किसी और दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। आधार नंबर डालने के बाद ओटीपी आएगा और पहचान सत्यापित हो जाएगी। राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण का कार्यकाल दो साल बढ़ाकर 30 नवंबर 2021 तक करने पर भी मुहर लगाई गई।

GST परिषद ने मुनाफाखोरी पर रोक के लिए प्राधिकरण का कार्यकाल बढ़ाया

एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद इस प्राधिकरण का गठन 30 नवंबर 2017 को किया गया था। यह प्राधिकरण सुनिश्चित करता है कि जीएसटी में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे और ऐसा न करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाता है। जुर्माने से वसूली गई रकम को केंद्र और राज्यों के बीच 50-50 फीसदी बांटा जाता है। प्राधिकरण के पास मुनाफाखोरी को लेकर अभी भी 67 शिकायतें लंबित हैं। 

बैठक में जीएसटी परिषद के पूर्व के कानूनों को भी मंजूरी दी गई। इसमें 20 लाख की जगह 40 लाख तक सालाना रिटर्न वालों के लिए जीएसटी पंजीकरण जरूरी न होना शामिल है। एकमुश्त स्कीम का लाभ सेवा क्षेत्र को देने पर भी मुहर लगी। लगातार दो माह जीएसटी रिटर्न न भरने वालों के लिए ई-वे बिल जारी न कर पाने के प्रतिबंध की समयसीमा भी 21 अगस्त 2019 तक बढ़ा दी गई।

GST परिषद की बैठक में फैसला, अब Aadhaar के जरिए भी हो सकेगा कंपनियों का रजिस्ट्रेशन

सस्ते इलेक्ट्रिक वाहन के लिए करना होगा इंतजार
बिजली चालित यानी इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर को 12 से घटाकर पांच प्रतिशत और इलेक्ट्रिक चार्जर पर 18 से घटाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव फिटमेंट समिति को भेजा गया है। दरअसल, सरकार वाहनों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुपात को 2030 तक 30 फीसदी तक लाना चाहती है।  सरकारी और निजी लॉटरी पर एकसमान जीएसटी के लिए अटार्नी जनरल से राय मांगने का फैसला हुआ। आठ मंत्रियों का समूह लॉटरी टिकट पर जीएसटी को लेकर आम राय नहीं बना पाया।

मल्टीप्लेक्स में ई- टिकटिंग को भी मंजूरी 
परिषद ने मल्टीप्लेक्स में इलेक्ट्रॉनिक चालान (इनवॉयस) और ई- टिकटिंग को अनिवार्य करने की भी मंजूरी दे दी। अभी यह ऑनलाइन बुकिंग और मुद्रित टिकटों के जरिये भी होती है। 

ई-इनवॉयस भी जनवरी से अनिवार्य
बड़ी कंपनियों के लिए ई-इनवॉयस अनिवार्य करने का फैसला एक जनवरी 2020 से लागू करने का निर्णय हुआ। प्रस्ताव के तहत 50 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली इकायों को जीएसटीएन पोर्टल पर ई-इनवायस जारी करना अनिवार्य होगा।

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  • Web Title:GST Council Meet GST Saral Return Approved