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धोखाधड़ी रोकने के लिए IGST रिफंड की मैन्यूअल होगी जांच: सरकार

सरकार ने स्पष्ट किया है कि गलत नियार्तकों पर लगाम लगाने और फजीर् बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के भुगतान से हो रहे राजस्व नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से आईजीएसटी रिफंड की मैन्यूअल जांच शुरू की गयी है लेकिन इससे ईमानदार नियार्तकों को कोई परेशानी नहीं होगी और उन्हें पूर्ण स्वचालित प्रक्रिया से आईजीएसटी रिफंड मिलते रहेंगे।      

केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस संबंध में गुरूवार को मीडिया में खबरें आने के बाद स्पष्टीकरण जारी कर इस तरह की खबर से भ्रामकधारणा पैदा होती है कि सत्यापन की नयी प्रणाली के कारण ईमानदार नियार्तकों को परेशानी होगी।  

सीबीआईसी ने हाल ही में सीमा शुल्क और जीएसटी विभाग को कुछ ऐसे नियार्तकों को किये गये आईटीसी रिफंड की जांच करने को कहा है जिनकों पूर्व परिभाषित जोखिम मानदंडों के आधार पर जोखिम वाले नियार्तक की श्रेणी में रखा गया है। उसने कहा कि देश में 1.42 लाख नियार्तकों में से अब तक 5,106 जोखिम नियार्तकों की पहचान की गई है जो कुल नियार्तकों की संख्या का मात्र 3.5 प्रतिशत हैं। पिछले दो दिनों 17 और 18 जून को कुल 925 नियार्तकों द्वारा दाखिल लदान पत्रों पर रोक लगाई गई है जबकि इस दौरान करीब 9,000 नियार्तकों ने लगभग 20 हजार लदान पत्र दाखिल किए हैं। 

सीबीआईसी ने कहा है कि जोखिम की श्रेणी में आये नियार्तकों को भी तत्काल नियार्त की इजाजत दे दी गई है। आईटीसी के सत्यापन के बाद अधिकतम 30 दिन के भीतर रिफंड जारी किया जाएगा। उसने कहा कि जांच की नई प्रक्रिया का उद्देश्य राजस्व नुकसान पर रोक लगानो के लिए ऐसे नियार्तकों को रोकना है जो नियार्तकों के एक बड़े समुदाय को बदनाम कर रहे हैं। सीबीआईसी ने ईमानदार नियार्तकों को आश्वासत किया है कि उन्हें पूर्ण स्वचालित प्रक्रिया के जरिये समय पर आईजीएसटी रिफंड मिलते रहेंगे।

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  • Web Title:govt said that IGST refund case will checked manually