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ई-कॉमर्स नीति में हो सकते हैं ये बड़े बदलाव, घरेलू कंपनियों को होगा फायदा

वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, ऐसे तमाम प्रबंध होंगे, जिससे घरेलू बाजार में ऐसी कंपनियों को और मजबूती मिले। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों का डाटा भी उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। नई सरकार की देखरेख में तमाम दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सरकार देश में ऐसी बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी में हैं, जिन्होंने भारत को अपने उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने इस पर सख्त रुख अपना लिया है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बड़ी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियां टैक्स की चोरी करते हुए देश में अपने उत्पादे बड़े पैमाने पर भेज रही हैं। ये कंपनियां इन उत्पादों पर गिफ्ट या सैंपल का लेबल लगाकर भारत में भेज देती हैं। कस्टम विभाग ने हाल ही में मुंबई पोर्ट पर बड़ी कार्रवाई में इसका पर्दाफाश किया है। सूत्रों के मुताबिक सख्त रुख के बाद अब ऐसी खेप में 55 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।.

ये कमी खासतौर पर वर्ष 2019 की पहली तिमाही में देखने को मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2018 में जहां हर महीने 1.13 लाख सामान के कुरियर आया करते थे वो मार्च 2019 में घटकर 50 हजार तक रह गए। यही वजह है कि अब सरकार ऐसी कंपनियों की नीतियों और धोखाधड़ी पर और सख्ती का रुख अपनाने जा रही है। 

वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, ऐसे तमाम प्रबंध होंगे, जिससे घरेलू बाजार में ऐसी कंपनियों को और मजबूती मिले। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों का डाटा भी उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। नई सरकार की देखरेख में तमाम दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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  • Web Title:Govt may change Ecommerce policy to benefit domestic companies