Govt Likely To Give Relief People From Income Tax Dispute - पुराने आयकर विवादों में माफी देगी सरकार DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पुराने आयकर विवादों में माफी देगी सरकार

केंद्र सरकार कारोबार और आम जीवन में आसानी के अपने लक्ष्य के तहत पुराने आयकर विवादों में एकबारगी माफी देकर खत्म कर सकती है। पुराने कर विवादों के निपटारे के लिए गठित टास्क फोर्स इससे जुड़ी सिफारिश जल्द ही सरकार को सौंप सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कर विवादों का यह आंकड़ा आठ लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है और यह दशकों से लंबित मामलों का बड़ा हिस्सा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो कर विवादों से जुड़ी याचिकाओं में भारी कमी आएगी। करदाताओं को राहत के अलावा आयकर अधिकारी भी अदालती मामलों में उलझे रहने की बजाय बड़े मामलों में ध्यान दे पाएंगे। हालांकि माफी योजना की शर्तें स्पष्ट होने के बाद ही तय होगा कि यह कितनी कारगर होगी।

सिरिल अमरचंद मंगलदास के अंतरराष्ट्रीय कराधान मामलों की प्रमुख दक्षा बक्शी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कर विवादों, ट्रांसफर प्राइसिंग जैसे मुद्दों के कारण कंपनियों के लिए भारत में कारोबार करना बेहद मुश्किल है। अगर इससे निपटने का कोई पहल होती है तो स्वागतयोग्य कदम है। इससे आयकर अधिकारी भी बड़े और जटिल मामलों में ज्यादा बेहतर तरीके से पैरवी कर सकेंगे और करदाता भी अपने कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। दक्षा के अनुसार, बहुत सारे कर विवाद 12 साल से भी ज्यादा पुराने हैं और ये लंबे खिंचते जा रहे हैं। प्रत्यक्ष कर संहिता तैयार करने की जिम्मेदारी संभालने वाले कार्यबल ने ये अहम सिफारिश की है। खबरों के मुताबिक, नवंबर 2017 में बना यह कार्यबल 31 जुलाई तक प्रत्यक्ष कर संहिता से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। 

अप्रत्यक्ष कर के लिए पहले ही योजना
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे सरकार ने आम बजट के दौरान अप्रत्यक्ष कर विवादों के निपटारे के लिए एक योजना पेश करने का ऐलान किया है, उसी तरह आयकर के लिए भी योजना लाई जा सकती है। इसमें एकबारगी माफी योजना के तहत मामले के निपटारे के लिए तीन-चार माह दिए जा सकते हैं। बजट में अप्रत्यक्ष कर से जुड़े उत्पाद शुल्क और सेवा कर के मामलों के लिए समाधान योजना पेश की गई है। इसमें ब्याज, जुर्माना माफ करने के साथ कर दावे का कुछ हिस्सा भी माफ करने का प्रस्ताव है।

नई योजना में आसान शर्तों की उम्मीद 
पीडब्ल्यूसी में अंतरराष्ट्रीय कर और कॉरपोरेट मामलों के साझेदार निखिल रोहेरा ने कहा कि तीन साल पहले भी ऐसी स्कीम लाई गई थी, लेकिन टैक्स दावे के ब्याज समेत पूर्ण भुगतान की शर्त के कारण यह सफल नहीं हो सकी। इसमें सिर्फ जुर्माना माफ करने की राहत थी। ऐसे में देखना होगा कि सरकार कैसी योजना की घोषणा करती है। उनका कहना है कि 70 फीसदी ऐसे मामलों में मामला करदाताओं के पक्ष में झुकाव रखता है, ऐसे में नई योजना में सरकार नरम रुख अपना सकती है। 

दशकों से लंबित मामलों में फंसे अरबों रुपये
04 लाख 65 हजार 349 ऐसे मामले कोर्ट और ट्रिब्यूनल में लंबित।
06 लाख 38 हजार करोड़ मूल्य के विवाद आयकर आयुक्त अपीलीय के स्तर पर।
04 लाख 96 हजार करोड़ मूल्य के विवाद ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में लंबित।
70% ऐसे मामलों में मामला करदाताओं के पक्ष में, ऐसे में नरमी वाली स्कीम संभव।

विवादों में कमी की मुहिम
20 लाख से ज्यादा बड़े मामले में अपील नहीं करने का निर्देश ट्रिब्यूनल स्तर पर।
50 लाख से ज्यादा के मामले ही हाईकोर्ट ले जाने का निर्देश, पहले 20 लाख सीमा थी।
01 करोड़ से बड़े मामले ही सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्देश, पहले 25 लाख था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Govt Likely To Give Relief People From Income Tax Dispute