बिना रिफॉर्म अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगी सरकार: पूर्व वित्त सचिव
आर्थिक पैकेज की 20 लाख करोड़ रुपए की रकम का इस्तेमाल सरकार अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के मकसद से अपना खर्च बढ़ाने में करेगी। साथ ही उसे छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने जैसे कदम भी उठाने...

आर्थिक पैकेज की 20 लाख करोड़ रुपए की रकम का इस्तेमाल सरकार अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के मकसद से अपना खर्च बढ़ाने में करेगी। साथ ही उसे छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने जैसे कदम भी उठाने होंगे। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने प्रधानमंत्री के आर्थिक राहत पैकेज पर 'हिन्दुस्तान' से खास बातचीत की और बताया कि बिना रिफॉर्म के सरकार अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आर्थिक राहत पैकेज की बारीक जानकारियां तो आने वाले दिनों में वित्तमंत्री की तरफ से सामने आएंगी लेकिन मोटे तौर पर सरकार को अपना खर्च बढ़ाना चाहिए, वहीं छोटे उद्योगों को संभालने के लिए उनकी कर्ज की मुश्किलें भी दूर करनी होंगी। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक की तरफ से अलग अलग विकल्पों के जरिए 6 लाख करोड़ रुपए की राहत दी जा चुकी है। अब क्रेडिट पैकेज के तौर पर सरकार आने वाले दिनों में एमएसएमई को खास राहत दे सकती है।
उनके मुताबिक देश में 7-8 लाख एमएमएमई हैं, लॉकडाउन से उनका कारोबार चौपट हो गया था। सरकार इनको कर्ज की गारंटी दे सकती है या फिर ब्याज दरें इनके लिए सस्ता कर सकती है। इस दिशा में 4 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा सकते हैं। वहीं किसानों के लिए भी नया इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिहाज से भी खर्च बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार एक फिस्कल पैकेज के तहत अपना खर्च भी बढ़ाएगी। इसके लिए सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए उधारी भी 50 फीसदी बढ़ाई है। ऐस में माना जा रहा है कि इस दिशा में 6 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा सकते हैं। वहीं सरकार को रिफॉर्म भी करने होंगे। इसके तहत जमीन से जुड़े कानूनों को इंडस्ट्री के मुफीद बनाने। वहीं, इंडस्ट्री को सस्ती ऊर्जा दी जाएगी तभी अर्थव्यवस्था और इंडस्ट्री की ग्रोथ में सहायता मिलेगी। सिस्टम में सरकार और आरबीआई की तरफ से करीब पौने आठ लाख करोड़ रुपए आ चुके हैं बाकी के ऐलान आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे।


