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8 अप्रैल, 2021|10:41|IST

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सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही मिलेंगे पेंशन के सभी फायदे, बदलेंगे ग्रेच्युटी के नियम

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सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। सरकार ने सेवानिवृत्ति पर मिलने वाला सभी तरह के पेंशन लाभ को बिना देरी किए समय पर देने किया फैसला लिया है। कार्मिक और लोक शिकायत मंत्रालय के तहत पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग ने सभी मंत्रालयों को पेंशन का लाभ सेवानिवृत्ति के दिन ही सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

दरअसल, विभाग ने पाया है कि नियमों और निर्देशों में निर्धारित समयसीमा और भविष्य सॉफ्टवेयर (ऑनलाइन पेंशन स्वीकृति और भुगतान ट्रैकिंग प्रणाली) के माध्यम से प्रक्रियाओं का सरल और सुव्यवस्थित करने के बावजूद पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) और सेवानिवृत्ति लाभ देरी से देनी के बहुत सारे मामले प्रकाश में आए हैं। विभाग के पास बड़ी संख्या में मिली शिकायतों में सेवानिवृत्ति के कई महीनों बाद भी सेवानिवृत्ति देय राशि का भुगतान न करने से संबंधित हैं। सेवानिवृत्ति की बकाया राशि के निपटान में देरी से मुकदमेबाजी भी होती है। अधिकांश मामले में कोर्ट ने देरी की अवधि में ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया और विभाग के अधिकारियों को लेकर तल्ख टिप्पणी भी किया है।

नियमित रूप से निगरानी करने का निर्देश

सेवानिवृत्ति का लाभ देने में देरी न हो इसके लिए सरकार ने सभी विभाग के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह खुद से पेंशन के मामले की निगरानी करें। इसके साथ यह भी सहमति बनी है कि पेंशन मामलों की समीक्षा करने के लिए प्रत्येक कार्यालय/ विभाग में एक प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इसमें 'भविष्य सॉफ्टवेयर' से उपलब्ध जानकारी का उपयोग किया जाएगा। कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के अवसर पर कार्यालयों में अक्सर विदाई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह सबसे उपयुक्त समय है, जिसका उपयोग पेंशन मामलों की प्रगति की समीक्षा करने और संबंधित कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देय राशि के समय पर भुगतान के महत्व के बारे में किया जा सकता है। प्रत्येक विदाई समारोह में उस ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख, उस विभाग के सभी कर्मचारियों के पेंशन मामलों की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं, जो अगले छह महीनों में सेवानिवृत्ति होने वाले हैं।

विभाग को देनी होगी जानकारी

अगर किसी विभाग को पेंशन प्रक्रिया में देरी का मामला मिलता है तो उसे आगे इसकी जानकारी देनी होगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक विभाग द्वारा प्रशासनिक मंत्रालय/ विभाग के सचिव को एक अर्धवार्षिक विवरण देने को कहा जा सकता है उन मामलों को लेकर जिनमें सेवानिवृत्ति के दो महीने से अधिक होने के बावजूद पीपीओ जारी नहीं किया गया है। इसमें यह भी पूछा जाएगा कि पीपीओ जारी करने में क्यों देरी हुई। अगर विभाग की गलती पाई गई तो कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार की तैयारी यह सुनिश्चित करना है कि सेवानिवृत्त के दिन उस कर्मचारी को सभी रिटायरमेंट लाभ का भुगतान कर दिया जाए।

पेंशन नियम में समयसीमा तय

सरकारी कर्मचारी को समय पर पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए पेंशन नियम 1972 में एक समयसीमा निर्धारित की गई है। समयसीमा के अनुसार, सेवा के सत्यापन और अन्य तैयारियों की प्रक्रिया एक साल पहले शुरू करनी है। वहीं, सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति से छह महीने पहले फॉर्म जमा करना, जबकि कार्यालय प्रमुख को चार महीने पहले पीएओ के पास पेंशन का मामला भेजना जरूरी है। वहीं, पीएओ को पीपीओ जारी कर सेवानिवृत्ति से एक महीने पहले सीपीएओ को भेजना चाहिए। सीपीएओ को इसके बाद 21 दिनों के भीतर विशेष सील प्राधिकरण के पास भेजना जरूरी है। सेवानिवृत्ति के समय रिटायर होने वाले कर्मचारी को पीपीएओ की एक कॉपी और दूसरे लाभ की कॉपी सौंपी जानी चाहिए।

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  • Web Title:Government employees will get all the benefits of pension on the day of retirement the rules of gratuity will change