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15 दिसंबर, 2020|1:26|IST

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सोना फिर हो सकता है 45 हजारी, जानें क्या है वजह

jeweler arrested for smuggling gold son absconding 200 kg silver recovered from home

कोरोना वैक्सीन को लेकर आ रही अच्छी खबरों से सोने-चांदी की कीमतों पर लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। कोरोना का कहर बढ़ा तो सोने-चांदी के दाम भी तेजी से बढ़े। निवेश के लिए जोखिम के दौर में सोने को अच्छा विकल्प माना जाता है। ऐसे में निवेशकों ने जमकर सोने में पैसा लगाया, लेकिन अब कीमतों में गिरावट आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नए साल तक वैक्सीन लॉन्च हो जाती है तो सोना की कीमतें 45000 रुपये तक लुढ़क सकती हैं।

क्यों गिर रहे सोने-चांदी के दाम

मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और कोविड-19 वैक्सीन की खबरों के बीच सोना-चांदी सस्ता हुआ है। वहीं गोल्ड ईटीएफ में भी अब निवेशक कुछ खास रुचि नहीं ले रहे हैं। सोना अपने ऑल टाइम हाई से अब तक 5847 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। जबकि चांदी सात अगस्त के अपने उच्च शिखर से 13981 रुपये टूट चुकी है। सात अगस्त को सर्राफा बाजारों में सोना 56254 पर खुला था। यह अपने सर्वोच्च शिखर पर था, जबकि चांदी 76008 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई थी।  

इसके उलट केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि अगर वैक्सीन आ भी जाती है तो मार्केट इसपर डिस्काउंट कर चुका है। गोल्ड में तेजी की वजह मंदी का खतरा है, वैक्सीन का प्रभाव कम है। सेंसेक्स एक नए रिकॉर्ड पर है, लेकिन पिछली दिवाली और इस दिवाली में बहुत ज्यादा फर्क है। वैक्सीन के बनने के बाद उसके डिस्ट्रीब्यूट होने में काफी वक्त लगेगा, ऐसे में ये कहना ठीक नहीं है कि सोने का भाव 45000 तक आ जाएगा। 

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वहीं एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एवं करेंसी) अनुज गुप्ता का कहना है कि कोरोना के टीके को लेकर आ रही सकारात्मक खबरों से सोने के भाव वैश्विक स्तर पर गिर रहे हैं। इसके बावजूद मौजूदा निचले स्तर को देखते हुए सोना अगले एक साल में 57 हजार से 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। उनका कहना है कि लंबी अवधि में सोने में निवेश फायदे का सौदा है।

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जानें कब तक मिलेगी वैक्सीन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित की जा रही कोविड -19 वैक्सीन एक या दो महीने में अपना अंतिम परीक्षण पूरा कर सकती हैं, जिससे दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा संक्रमण वाले देश यानी भारत में वैक्सीन के तेजी से रोल-आउट होने की उम्मीद बढ़ जाती है। राज्य में संचालित भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और निजी तौर पर आयोजित भारत बायोटेक ने इस महीने में COVAXIN के तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत की, जिसमें 26,000 वॉलिंटियर्स शामिल होंगे। यह सबसे उन्नत भारतीय प्रायोगिक टीका है।

कोल्ड चेन मेंटेन करने की तैयारी

कोरोना की वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन मेंटेन करने की तैयारी बड़े स्तर पर शुरू हो गई है। इसके लिए कोविड सेंटरों में कोल्ड स्टोर बनाने के साथ ही कोल्ड चेन को मजबूत किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने अगले साल मई और जून तक कोरोना वैक्सीन की 50 करोड़ डोज मिलने का अनुमान लगाया है। इसे देखते हुए राज्यों को टीकाकरण का पूरा प्लान तैयार करने को कहा गया है। केंद्र के निर्देश पर सरकार ने राज्य, जिला और ब्लॉक के स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर लिया है।

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  • Web Title:Gold price can again be rs 45000 per 10 gm know what is the reason