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30 अक्तूबर, 2020|8:32|IST

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सोने में छूट घटी, त्योहारी तेजी लौटेगी, यहां मिल रहा सबसे सस्ता गोल्ड

वैश्विक भाव से 30 डॉलर कम पर बिक रहा था पिछले हफ्ते सोना, अब छूट घटकर 23 डॉलर पर आई

कोरोना संकट में सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनियों और ज्वेलरों पर बड़ी मार पड़ी है। आमदनी घटने और सोने के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं ने एक तरफ सोने की खरीदारी से किनारा किया तो वहीं मोटा रिटर्न देखकर ई-गोल्ड को तरजीह दी। लेकिन अब त्योहारी सीजन को देखते हुए कारोबारियों को मांग में तेजी की उम्मीद है। ऐसे में भारत में पिछले हफ्ते तक सोने पर 30 डॉलर प्रति औंस तक मिलने वाली छूट घटकर 23 डॉलर रह गई है।

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बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह मांग में आने वाली तेजी का संकेत है। दिल्ली गोल्ड एंड बुलियन संघ के महासचिव योगश सिंगल का कहना है कि अगर दाम स्थिर रहे तो आने वाले हफ्तो में मांग में तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतें 51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहीं। इस हफ्ते इसमें 0.5 प्रतिशत तेजी दर्ज की गई है। सिंघल का कहना है कि ज्वेलर्स कीमतों का रुख स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। वह अक्तूबर के पहले हफ्ते से त्योहारों के लिए स्टॉक तैयार करना शुरू कर सकते हैं।

चीन में ज्यादा सस्ता सोना

भारत के मुकाबले चीन सोने पर ज्यादा छूट मिल रही है। वहां 44-48 डॉलर प्रति औंस की छूट मिल रही है। पिछले हफ्ते वहां 45 से 50 डॉलर प्रति औंस छूट मिल रही थी। चीन में इस साल फरवरी से ही सोने पर छूट मिल रही है। कोरोना वायरस के चलते मांग घटने से छूट बढ़ी है। वहां के बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अक्तूबर में छुट्टियों के दौरान बिक्री बढ़ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर पिछले साल के मुकाबले मांग कम ही रहेगी।

सिंगापुर-जापान में ऊंचे दाम

सिंगापुर और जापान के हालात भारत एवं चीन के विपरित हैं। सिंगापुर में सोने की बिक्री 0.80-1.50 डॉलर प्रति औंस प्रीमियम यानी ऊंचे दाम पर हो रही है। जापान में भी सोना 0.30-0.50 डॉलर प्रति औंस के प्रीमियम भाव पर बिक रहा है। उधर बांग्लादेश में इस हफ्ते दूसरी बार सोने की कीमतें बढ़ी हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

योगेश सिंघल का कहना है कि खरीदार बाजार से दूर हैं। ऊंची कीमतें और कोरना इसकी एक बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि इन दिनों ज्यादातर खरीदी केवल निवेश के मकसद से हो रही है। सिंघल का कहना है कि इस साल के अंत तक तो ज्वेलरी बाजार के पटरी पर आने की उम्मीद नहीं लग रही है। उनका कहना है कि यह इस कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ा संकट है। पहले लॉकडाउन से खरीदार दूर रहे और अब कोरोना के डर और ऊंचे दाम से दूर हैं। वहीं ज्वेलरों ने इस बीच सुरक्षा के उपाय पर भी खर्च किए हैं। इससे उन्हें नुकसान हो रहा है।

संभलर करें सोने में निवेश

सोने की कीमतों में इस साल काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड रिसर्स) अनुज गुप्ता का कहना है कि केवल ऊंचे रिटर्न देखकर सोने में निवेश घाटे का सौदा हो सकता है। गुप्ता का कहना है कि सोने की कीमतों में तेजी कोरोना संकट और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से आ रही है। यदि इसका टीका तैयार हो गया तो कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में संभलकर और थोड़ी-थोड़ी खरीदारी फायदेमंद हो सकती है।

रिटर्न में आगे

  • 28 फीसदी रिटर्न दे चुका है सोना जनवरी से अब तक
  • 51,500 प्रति 10 ग्राम रहा दाम एमसीएक्स पर
  • 12.5 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है सोना पर
  • 03 फीसदी जीएसटी लगती है सोने पर उसकी आधिकारिक कीमत पर
  • 05 फीसदी ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर लगती है जीएसटी
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