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1 दिसंबर, 2020|4:25|IST

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45 हजार रुपये के नीचे आ सकता है सोना! अभी करें निवेश या बचें? जानें एक्सपर्ट की राय

gold price review                                                                 5376

कोरोना काल में तेजी का नया रिकॉर्ड बनाने वाले सोने की चमक अब कुछ फीकी पड़ने लगी है। सोने का अब तक सबसे उच्चतम स्तर अगस्त में 56254 रुपये रहा लेकिन सर्वोच्च शिखर से 7425 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। बीते हफ्ते शुक्रवार को सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 48829 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी की बात करें तो इस दिन यह 76008 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई थी और 27 नवंबर तक आते-आते यह 60069 रुपये प्रति किलो रह गई है। इस दौरान चांदी  15939 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई। अगर एक्सपर्ट की माने तो सोने का भाव 45000 रुपये के नीचे जा सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में तेज सुधार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से उम्मीदें और कोविड19 के टीका बनाने की दिशा में तेजी से काम होने की खबरों से सोने के दाम में लगातार गिरावट आ रही है।

पिछले हफ्ते ऐसी रही सोने-चांदी की चाल

तारीख सोने का शाम का रेट (रुपये/10 ग्राम)

चांदी का शाम का रेट (रुपये/ किलो ग्राम)

27 नवंबर 2020 48829 60069
26 नवंबर 2020 48972 60260
25 नवंबर 2020 48935 60191
24 नवंबर 2020 48975 59704
23 नवंबर 2020 50304 61486
20 नवंबर 2020 50407  62027

Gold Price Review: सोना 7425 रुपये प्रति 10 ग्राम तक हो चुका है सस्ता, जानें आगे कैसी रहेगी गोल्ड की चमक

टीका बनने पर 45 हजार रुपये से नीचे भी जा सकता है सोनाः विशेषज्ञ

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक तपन पटेल ने कहा, कोविड-19 के टीके के संदर्भ में उम्मीद बढ़ने और बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने की तैयारियों के मद्देनजर सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। इसके अलावा वैश्विक बाजार में कमजोरी के संकेतों और रुपये की विनिमय दर में सुधार का भी सोने की कीमतों पर असर पड़ा। इस बीच बिकवाली दबाव के कारण चांदी भी 1,588 रुपये की गिरावट के साथ 59,301 रुपये प्रति किलो ग्राम पर आ गई। पिछले सत्र में इसका बंद भाव 60,889 रुपये प्रति किग्रा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव हानि के साथ 1,830 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 23.42 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि सोने 49 हजार निचला स्तर तोड़ दिया है जिसके बाद इसमें और गिरावट की आशंका बढ़ गई है।

गिरावट की चार वजह

टीका बनाने के करीब पहुंची कंपनियां

दुनिया की कई दवा कंपनियां कोरोना का कारगर टीका बनाने के करीब पहुंच चुकी हैं। इनका दावा है कि यह 70 से 94 फीसदी तक कारगार हो सकता है। ऐसे में आने वाले समय में कोरोना का डर कम होने से सोना सुरक्षित निवेश नहीं रह जाएगा। इससे सोने में गिरावट आ रही है।

बाइडन से भी जगी उम्मीदें

अमेरिका में जो बाइडन राष्ट्रपति का चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने सत्ता संभालने की तैयारी तेज कर दी है। नरमपंथी बाइडन के सत्ता में आने से व्यापार युद्ध थमने की उम्मीद की जा रही है। इससे दुनियाभर में कारोबारी गतिविधियों के रफ्तार पकड़ने का अनुमान है। आर्थिक संकट के बादल छंटने से सोने की चमक फीकी पड़ रही है।

वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में तेज सुधार
भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में तेज सुधार देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तेजी की स्थिति में शेयरों से जुड़े निवेश अधिक फायदेमंद होते है। ऐसे में अब निवेशक सोने की बजाय शेयरों को अधिक तरजीह दे रहे है। इससे भी सोने की गिरावट को बल मिला है।

अभी सोने में निवेश से बचें

एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि कोरोना संकट गहराने पर सोना 55 हजार के स्तर को पार कर गया था। अब टीका बनने के करीब पहुंचने के साथ ही इसमें गिरावट शुरू हो चुकी है। गुप्ता ने कहा कि टीका बन जाने के बाद सोना 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से भी नीचे आ जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। ऐसे में मौजूदा समय में सोने में निवेश से दूर रहने की जरूरत है। हालांकि, एक साल या उससे लंबी अ‌वधि में यह 55 हजार रुपये के स्तर तक दोबारा पहुंच सकता है।

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  • Web Title:Gold can come under 45 thousand rupees expert says avoid investing now