आज आएंगे चौथी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े, 3.6% पर रहने का अनुमान
केंद्र सरकार आज यानी शुक्रवार मार्च तिमाही (चौथी तिमाही ) और पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में ग्रोथ के आंकड़े जारी करेगी। कोरोनो वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए...

केंद्र सरकार आज यानी शुक्रवार मार्च तिमाही (चौथी तिमाही ) और पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में ग्रोथ के आंकड़े जारी करेगी। कोरोनो वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधि पूरी तरह से रुक गई हैं। ऐसे में जनवरी-मार्च 2020 में देश की जीडीपी वृद्धि 3.6 प्रतिशत पर होने की संभावना है। यह अनुमान व्यक्त किया है रेटिंग एजेंसी केयर रेटिंग्स ने। वहीं न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वे में तो यहां तक चेतावनी दी थी कि 2019-20 की मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ महज 2.1 फीसदी रह सकती है।
पिछली तीन तिमाहियों में ये रहा आंकड़ा
- वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5% था।
- वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ महज 4.5% थी।
- वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ महज 4.7% थी
(स्रोत: केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय)
तीनों तिमाहियों के आंकड़े को देखें तो जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी को क्रास नहीं कर पाया। आज अगर चौथी तिमाही यानी इस वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के जीडीपी ग्रोथ में भारी गिरावट आती है तो पूरे साल में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी रहने का अनुमान गलत साबित हो जाएगा।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


