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अडानी-अंबानी की गुजरात पर खास मेहरबानी, दोनों करेंगे बड़ा निवेश, लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीDrigraj Madheshia
Fri, 14 Jan 2022 02:04 PM
अडानी-अंबानी की गुजरात पर खास मेहरबानी, दोनों करेंगे बड़ा निवेश, लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एशिया सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी व अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौमतम अडानी गुजरात पर काफी मेहरबानी कर रहे हैं। अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अगले 10 से 15 साल के दौरान गुजरात में हरित ऊर्जा और अन्य परियोजनाओं में 5.95 लाख करोड़ रुपये निवेश करने जा रही है तो अडानी समूह ने गुजरात में एक एकीकृत स्टील प्लांट लगाने और अन्य कारोबारी संभावनाओं की तलाश के लिए दक्षिण कोरियाई कंपनी पॉस्को के साथ पांच अरब डॉलर का प्रारंभिक समझौता किया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का एलान

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि कंपनी राज्य में एक लाख मेगावॉट का नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र और हरित हाइड्रोजन परिवेश के विकास के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।  इसके अलावा कंपनी सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल, हाइड्रोजन उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइजर, ऊर्जा भंडारण बैटरी और फ्यूल सेल के विनिर्माण के लिए कारखानों की स्थापना को लेकर 60,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। साथ ही अगले तीन से पांच साल में मौजूदा परियोजनाओं और नए उपक्रमों में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। 

राज्य में करीब दस लाख रोजगार पैदा करेगी रिलायंस

इसके अलावा रिलायंस ने जियो के अपने दूरसंचार नेटवर्क को 5जी में बदलने के लिए तीन से पांच वर्ष में 7,500 करोड़ रुपये और रिलायंस रिटेल में अगले पांच साल के दौरान 3,000 करोड़ रुपये  निवेश करने का भी प्रस्ताव दिया है।  कंपनी ने एक बयान में कहा, "वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन 2022 के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम के दौरान बृहस्पतिवार को आरआईएल ने गुजरात सरकार के साथ कुल 5.95 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इन परियोजनाओं से राज्य में करीब दस लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।" कंपनी ने गुजरात सरकार के परामर्श से कच्छ, बनासकांठा और धोलेरा में 1,00,000 मेगावॉट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अडानी ग्रुप का गुजरात में स्टील प्लांट लगाने के लिए पॉस्को के साथ समझौता

अडानी समूह ने गुजरात में एक एकीकृत स्टील प्लांट लगाने और अन्य कारोबारी संभावनाओं की तलाश के लिए दक्षिण कोरियाई कंपनी पॉस्को के साथ पांच अरब डॉलर का प्रारंभिक समझौता किया है। दोनों कंपनियों ने बृहस्पतिवार को इस आशय के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह एक गैर-बाध्यकारी करार है और इसके मूर्त रूप लेने की स्थिति में अडानी समूह के लिए इस्पात क्षेत्र में कदम रखने का रास्ता साफ हो जाएगा।

पांच अरब डॉलर तक का निवेश 

समझौते के बाद जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, "गुजरात के मूंदड़ा में हरित, पर्यावरण-अनुकूल एकीकृत इस्पात कारखाने की स्थापना और अन्य उद्यमों समेत व्यावसायिक सहयोग के अवसर तलाशने की सहमति जताई है। इसमें पांच अरब डॉलर तक का निवेश होने की संभावना है।'' वहीं,  पॉस्को के लिए यह भारत में स्टील प्लांट लगाने का पुराना सपना पूरा करने का एक अवसर है। पॉस्को को कुछ साल पहले ओडिशा में 12 अरब डॉलर की लागत से एक स्टील प्लांट लगाने की अपनी योजना से भूमि अधिग्रहण संबंधी विरोधों के बाद पीछे हटना पड़ा था। 

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में हस्ताक्षर

अडानी समूह और पॉस्को के बीच MoU पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। राज्य के उद्योग विभाग और अडानी समूह एवं पॉस्को के बीच इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।  यह समझौता वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन 2022 के हिस्से के रूप में किया गया है। यह सम्मेलन 10-12 जनवरी को गांधीनगर में होने वाला था, लेकिन कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ने की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया है।

हालांकि इस बयान में यह नहीं बताया गया है कि दोनों कंपनियां अपने-अपने स्तर पर कितना निवेश करेंगी। इसके अलावा साझेदारी का ब्योरा भी नहीं दिया गया है। मूदंड़ा में प्रस्तावित इस संयंत्र के वर्ष 2026 तक तैयार हो जाने की संभावना जताई गई है। इसकी उत्पादन क्षमता 50 लाख टन वार्षिक होगी। खास बात यह है कि इसमें हरित ऊर्जा का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी: गौतम अडानी 

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा, यह साझेदारी भारत के विनिर्माण उद्योग की वृद्धि में योगदान देगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी। इससे हरित कारोबार में भारत की स्थिति भी मजबूत होगी।" पॉस्को के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जियोंग-वू चोई ने अडानी के साथ जारी संयुक्त बयान में कहा, "इस्पात विनिर्माण में हमारी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और ऊर्जा एवं अवसंरचना में अडानी समूह की विशेषज्ञता के साथ दोनों कंपनियां इस्पात एवं पर्यावरण-अनुकूल कारोबार में परस्पर सहयोग के साथ काम कर सकेंगी।"  पॉस्को दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी है और उसका रसायन, ऊर्जा एवं ढांचागत क्षेत्रों में भी दखल है।

इनपुट: एजेंसी

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