फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 8 प्रतिशत किया
मुख्य बातें
- फिच रेटिंग्स ने मंगलवार (30 जून) को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत के वृद्धि के अनुमान को घटा कर आठ प्रतिशत कर दिया है
- एजेंसी ने पिछले माह इसके 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था
फिच रेटिंग्स ने मंगलवार (30 जून) को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत के वृद्धि के अनुमान को घटा कर आठ प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी ने पिछले माह इसके 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि, इसने चालू वित्त वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में पांच प्रतिशत संकुचन के अपने पिछले अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है। भारतीय अर्थव्यवस्था की 2019-20 में अनुमानित वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत रही। फिच ने अपने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के जून के अपडेट में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2022-23 में 5.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।
फिच ने कहा, ''भारत में सरकार ने वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए दुनिया का एक कड़ा लॉकडाउन लागू किया। इसमें अब क्रमिक रूप से ढील देने के उपाए किए जा रहे हैं। नीतिगत ढील सीमित रखे जाने तथा राजकोषीय मोर्चे पर पहले से चली आ रही कमजारी को देखते हुए हमने अपने 2021 के पूर्वानुमान को 9.5 प्रतिशत से घटाकर आठ प्रतिशत कर दिया है।"
इससे पहले एसएंडपी ने अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में पांच प्रतिशत संकुचन का अनुमान जताया था और अगले वित्त वर्ष में 8.5 प्रतिशत तक वृद्धि की बात कही थी। मूडीज को उम्मीद है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन से वित्त वर्ष 2020 में भारत की वास्तविक जीडीपी में चार प्रतिशत की कमी आएगी। उनसे 2021 में वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत और उसके अगले साल करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
दूसरी ओर, नीति आयोग का कहना है कि कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को 'स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था की ओर: कोविड-19 के बाद भारत के ऊर्जा और मोबिलिटी क्षेत्र में अवसर' विषय पर रिपोर्ट पेश किए जाने के मौके पर कहा कि इस समय जो देश में जो सुधार हो रहे हैं, उनकी वजह से आगे चलकर भारत की वृद्धि दर अपने समकक्ष देशों से अधिक रहेगी।
कुमार ने कहा कि इस महामारी पर नियंत्रण के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति सुधरने लगेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने पिछले सप्ताह अनुमान लगाया है कि 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 4.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी। आईएमएफ ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से भारत में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि, इसके साथ ही आईएमएफ ने कहा कि 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी।


