छोटे दुकानदारों को ऑनलाइन प्लेटफार्म देगा फेसबुक का शॉप्स, अमेजन-फ्लिपकार्ट को देगा टक्कर
मुख्य बातें
- कोरोना महामारी की मार झेल रहे छोटे किराना दुकानदारों और कारोबारियों को मदद देने के लिए फेसबुक ‘शॉप्स' नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है
- इसके जरिए वह ऑनलाइन शॉपिंग में घुसने की..

कोरोना महामारी की मार झेल रहे छोटे किराना दुकानदारों और कारोबारियों को मदद देने के लिए फेसबुक ‘शॉप्स' नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए वह ऑनलाइन शॉपिंग में घुसने की तैयारी कर रहा है। अब फेसबुक अपनी फेसबुक शॉप के जरिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन को टक्कर देने की सोच रहा है। ग्राहक इन स्टोर को फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए देख सकते हैं।
इस प्लेटफॉर्म पर दुकानदार अपनी दुकान लगा पाएंगे और उसमें अपने तरीके से सामानों को बेच पाएंगे। यह प्लेटाफॉर्म, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सअप पर उपलब्ध होगा। फेसबुक के मुताबिक, इस नई सेवा का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों की ऑनलाइन उपस्थिति हो।
कैसे करेगा काम
अगर किसी ग्राहक को किसी प्रोडक्ट के बारे में कुछ पूछना होगा तो वह सीधे मैसेंजर या वाट्सऐप के जरिए मैसेज कर के बात कर सकता है। अपने ऑर्डर को ट्रैक कर सकता है। फेसबुक ने तो यहां तक कहा है कि आने वाले समय में मैसेंजर और वाट्सऐप पर चैट करते-करते ही आप सामान खरीद सकते हैं। फेसबुक ने कहा है कि वह फेसबुक शॉप पर लोगों की एक्टिविटी का डेटा इस्तेमाल करेगा और उसके आधार पर ही विज्ञापन या सजेशन दिखाएगा। फेसबुक शॉप की एक्टिविटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तब तक शेयर नहीं की जाएगी, जब तक यूजर खुद इसे शेयर ना करना चाहे।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


