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ईएसआईसी ने कोरोना राहत के मानदंड में दी ढील, 70 दिनों से घटाकर 35 दिन कर दिया अंशदान अवधि

नई दिल्ली। हिन्दुस्तान ब्यूरोDrigraj Madheshia
Mon, 06 Dec 2021 06:01 AM
ईएसआईसी ने कोरोना राहत के मानदंड में दी ढील, 70 दिनों से घटाकर 35 दिन कर दिया अंशदान अवधि

कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने ईएसआईसी-बीमाकृत कर्मचारियों को कोविड-19 राहत कोष से सहायता प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड में ढील दे दी है। ईएसआईसी ने बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु पर न्यूनतम अंशदान अवधि को 70 दिनों से घटाकर 35 दिन कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने जून 2021 में कोविड-19 राहत कोष को मंजूरी दी थी। इस योजना का मकसद ईएसआईसी के दायरे में आने वाले इंश्योर्ड कर्मचारी की कोरोना से मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। स्कीम के तहत ईएसआईसी कार्ड धारक की कोरोना से मौत होने पर ईएसआईसी की ओर से उस पर निर्भर परिवारजनों को वित्तीय राहत मुहैया कराई जाती है।

इसी में औैर राहत देते हुए कोविड-19 रिलीफ फंड की पात्रता शर्तों को आसान बनाया गया है। अब बीमाकृत व्यक्ति की कोविड से मृत्यु के मामले में राहत कोष का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम अंशदान अवधि को 70 दिनों से घटाकर 35 दिन कर दिया गया है। ईएसआईसी की 18वीं बोर्ड बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। अभी तक नियम था कि मृतक बीमित व्यक्ति के संदर्भ में कोविड रोग का पता चलने, जिससे मौत हुई हो, के ठीक पूर्ववर्ती एक साल के दौरान कम से कम 70 दिन का अशंदान होना चाहिए।

आश्रितों को मिलती है वित्तीय मदद

ईएसआईसी कोविड राहत योजना के तहत न्यूनतम राहत 1800 रुपये प्रतिमाह है। ईएसआईसी के तहत आने वाले कर्मचारी ईएसआई एक्ट के अंतर्गत इंश्योर्ड होते हैं। इंश्योर्ड कर्मचारी की कोविड-19 से मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रितों को उनके बैंक खातों में पेंशन का भुगतान किया जाएगा। ईएसआईसी कोविड19 रिलीफ स्कीम 24 मार्च 2020 से प्रभावी होकर दो साल तक मान्य रहेगी।

कौन-कौन आश्रित पात्र होंगे

ईएसआईसी के नियम के तहत जीवनसाथी, वैध या गोद लिया बेटा जिसकी उम्र 25 वर्ष से कम हो, अविवाहित वैध या गोद ली हुई बेटी और विधवा मां वित्तीय सहायता के लिए पात्र होंगे। मृत कर्मचारी के दैनिक औसत वेतन के 90 फीसदी के बराबर धनराशि उसके आश्रितों को दी जाएगी। इस 90 फीसदी को फुल रेट कहा जाता है। अगर एक से ज्यादा आश्रित हैं तो राहत का बंटवारा होता है।

कैसे कर सकते हैं दावा

ईएसआईसी कोविड-19 रिलीफ स्कीम के तहत दावा करने वाले को सीआरएस-1 फॉर्म के साथ मृत कर्मचारी की कोविड-19 पॉजिटिव रिपोर्ट (वास्तविक या अटेस्टेट फोटोकॉपी) और उसका मृत्यु प्रमाण पत्र (वास्तविक) निकटतम ईएसआई ब्रांच कार्यालय में जमा करना होगा। साथ में आश्रितों का आईडी प्रूफ और उम्र का प्रूफ देना होगा। इसके लिए आधार या बर्थ सर्टिफिकेट दिया जा सकता है। मृत कर्मचारी के आश्रित की ओर से दावा किए जाने के 15 दिनों के भीतर उनके खाते में निर्धारित धनराशि जारी कर दी जाएगी।

सालाना हेल्थ जांच अनिवार्य किया गया

केंद्र सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कर्मचारियों को सालाना हेल्थ चेकअप करना अनिवार्य कर दिया है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के बीमित सदस्य इस दायरे में आएंगे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, ‘हमने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू की है जिसके तहत हम प्रत्येक साल 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ईएसआईसी के बीमाकृत व्यक्तियों (आईपी) के लिए मुफ्त चिकित्सा जांच प्रदान कर रहे हैं। स्वस्थ भारत का हमारा सपना है।

31 दिसंबर तक जीवन प्रमाण देने की सुविधा

केंद्र सरकार ने अपने पेंशनधारकों के लिए अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम समयसीमा को एक महीने के लिये आगे बढ़ा दिया गया है। जीवन प्रमाण पत्र को जमा करने की अंतिम तारीख को 30 नवंबर 2021 से आगे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दिया गया है।

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