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गांवों तक टेलीकॉम सर्विस पहुंचाने में किसी एक कंपनी का नहीं हो बोलबाला'

दूरसंचार उद्योग से जुड़े संगठन सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने दूरसंचार सेवाओं से वंचित ग्रामीण इलाकों तक सेवाओं को पहुंचाने के काम और उसके लिए सरकारी सहायता के आवंटन में सभी चारो दूरसंचार संपर्क सेवा प्रदाताओं को न्यायोचित भागीदारी दिए जाने की वकालत की है। संगठन ने साथ ही कहा है कि इस कार्यक्रम में किसी एक कंपनी का दबदबा नहीं होना चाहिए।

संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले महीने दूरसंचार कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने उद्योग से ऐसे 43,000 गांवों तक मोबाइल सेवाएं पहुंचाने की प्राथमिकता तय करने को कहा था, जहां अब तक ये सेवाएं नहीं पहुंच सकी हैं। उन्होंने एक साल के भीतर इन गांवों तक दूरसंचार सेवाओं को पहुंचाने को कहा था।

नये दूरसंचार सचिव को सीओएआई ने पत्र लिखा है। उद्योग मंडल ने पत्र में कहा है कि गांवों तक मोबाइल संपर्क के विस्तार की सरकार की पहल को उद्योग की तरफ से पूरा समर्थन मिलेगा। सीओएआई ने कहा है कि कार्य का वितरण और रियायत सभी चार सेवा प्रदाताओं को मिलनी चाहिए। इसमें किसी एक कंपनी का प्रभुत्व नहीं होना चाहिए।

संगठन ने सरकार को एक संयुक्त प्रस्ताव भी सौंपा है। इसमें इन गांवों तक दूरसंचार सेवाओं को पहुंचाने के लिए कई तरह के सुझाव दिये गए हैं। इनमें कार्यक्रम की रूपरेखा, नीति और तरीके के साथ विभिन्न पहलुओं पर बात की गयी है। सीओएआई ने 16 अगस्त, 2019 के अपने पत्र में कहा है कि बुनियादी ढांचे के निर्माण में दोहराव नहीं होना चाहिए। संगठन के मुताबिक केवल एक दूरसंचार प्रदाता ही टावर संबंधी ढांचा तैयार करे, जिसे सभी सेवा प्रदाता साझा करें।

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  • Web Title:Ensure equitable work no monopoly under access coverage scheme Says COAI