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चौंका रहा यह एनर्जी शेयर: ₹10 से बढ़कर ₹40 तक पहुंच गया भाव, अब एक्सपर्ट को बड़ा डर

Suzlon Energy share: सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में लगातार तेजी रही है। इस साल 2023 में अब तक यह शेयर 271% चढ़ चुका है। इस दौरान इसकी कीमत 10 रुपये से बढ़कर करीबन 40 रुपये तक पहुंच गई है।

चौंका रहा यह एनर्जी शेयर: ₹10 से बढ़कर ₹40 तक पहुंच गया भाव, अब एक्सपर्ट को बड़ा डर
Varsha Pathakलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 05 Dec 2023 06:33 PM
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Suzlon Energy shares: सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में लगातार तेजी रही है। इस साल 2023 में अब तक यह शेयर 271% चढ़ चुका है। इस दौरान इसकी कीमत 10 रुपये से बढ़कर करीबन 40 रुपये तक पहुंच गई है। पिछले छह महीने में सुजलॉन एनर्जी के शेयर 225 पर्सेंट तक चढ़े हैं। पिछले पांच सालों में यह स्टॉक 738 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, पिछले दो कारोबारी सेशन में इसमें गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को कंपनी के शेयर में 1% से अधिक की गिरावट रही और यह शेयर 39.65 रुपये पर बंद हुआ है। 

कभी ₹500 थी कीमत
आपको बता दें कि सुजलॉन एनर्जी के शेयरों की कीमत साल 2005 के अंत में ₹500 से अधिक पर थी। हालांकि, बाद में इस शेयर में बिकवाली देखने को मिली और यह 2019 में यह ₹2 तक गिर गया था। पिछले एक साल में इस शेयर में गजब की तेजी देखी जा रही है। 

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क्या है एक्सपर्ट की राय
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने मंगलवार को एक  स्ट्रैटेजिक नोट में कहा कि सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड पर उसका रिवर्स-वैल्यूएशन बाजार के दृष्टिकोण में खामियों को दर्शाता है। घरेलू ब्रोकरेज ने कहा कि इसके कैलकुलेशन से पता चलता है कि सुजलॉन एनर्जी के मार्केट  कैप  में बढ़ोतरी अगले कई  सालों में संभावित वैल्यू सृजन से कहीं आगे है।"

कोटक ने कहा कि बिजली प्रोडक्शन  इक्विपमेंट्स  सप्लायर्स  जैसे सुजलॉन एनर्जी और बीएचईएल के स्टॉक की कीमतें पिछले कुछ महीनों में प्रोडक्शन कैपासिटी  में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की उम्मीद में तेजी से बढ़ी हैं। हम भारतीय अर्थव्यवस्था के विद्युतीकरण और बिजली की मांग में लगातार वृद्धि को देखते हुए अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता की आवश्यकता के आधार से सहमत हैं।" हालांकि ब्रोकरेज को लगता है कि सौर-आधारित बिजली बनाम पवन-आधारित बिजली की बेहतर अर्थव्यवस्था को देखते हुए, भारत में बड़ी मात्रा में कोयला-आधारित थर्मल उत्पादन क्षमता या पवन-आधारित नवीकरणीय क्षमता जोड़ने की संभावना नहीं है। 

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ब्रोकरेज ने कहा कि निश्चित रूप से, वित्त वर्ष 2020-30 के लिए सरकार के नवीकरणीय क्षमता लक्ष्य और सुजलॉन की बेहतर वित्तीय स्थिति को देखते हुए, कोटक को अगले कुछ वर्षों में पवन-आधारित उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि, हम उम्मीद करते हैं कि सौर ऊर्जा उत्पादन की अच्छी तरह से स्थापित अर्थव्यवस्था को देखते हुए, भारत में नवीकरणीय क्षमता वृद्धि पर सौर क्षमता हावी रहेगी। पिछले पांच वर्षों में भारत में कुल नवीकरणीय क्षमता में सौर ऊर्जा का हिस्सा 75 प्रतिशत रहा है।"

 

 

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