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हिंदी न्यूज़ बिजनेसशेयर बाजार में उत्पाद शुल्क में कटौती का दिखेगा असर, इन पांच बातों पर होगी निवेशकों की नजर

शेयर बाजार में उत्पाद शुल्क में कटौती का दिखेगा असर, इन पांच बातों पर होगी निवेशकों की नजर

शेयर समीक्षा: पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती का असर सोमवार यानी आज शेयर बाजार में देखा जा सकता है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और उसके फैसले पर भी बाजार की नजर होगी।

शेयर बाजार में उत्पाद शुल्क में कटौती का दिखेगा असर, इन पांच बातों पर होगी निवेशकों की नजर
Drigraj Madheshiaएजेंसी,नई दिल्लीMon, 23 May 2022 07:05 AM

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अमेरिका में बेरोजगारी दर अनुमान से कम रहने और चीन के ब्याज दर में 15 आधार अंक की कटौती से वैश्विक अर्थव्यवस्था के मजबूत बने रहने की उम्मीद में हुई लिवाली से बीते सप्ताह लगभग तीन फीसद की तेजी में रहे शेयर बाजार में इस सप्ताह भी उतार-चढ़ाव रहेगा। ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती का असर सोमवार को बाजार में देखा जा सकता है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और उसके फैसले पर भी बाजार की नजर होगी।

इन पांच बातों पर होगी निवेशकों की नजर

  • पेट्रोल-डीजल के दाम घटने का असर (सोमवार)
  • विदेशी निवेशकों की निकासी
  • फेड की बैठक (बुधवार )
  •  मासिक वायदा बाजार की कटान (गुरुवार)
  • अमेरिका का जीडीपी डाटा (गुरुवार )

 

बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1532.77 अंक की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 54 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 54326.39 अंक पर बंद हुआ था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का नफ्टिी 484 अंक की बढ़त लेकर 16 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर 16266.15 अंक पर रहा।

समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दग्गिज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली हुई। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति और मंदी निवेशकों के लिए चिंताजनक है। एफआईआई)लगातार बिकवाली कर रहे हैं। हालांकि घरेलू निवेशकों के समर्थन के कारण भारतीय शेयर बाजार बेहतर स्थिति में हैं।

एफपीआई ने 35,000 करोड़ रुपये निकाले

भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निकासी का सिलसिला जारी है। एफपीआई ने इस महीने अबतक भारतीय बाजारों से 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा आक्रामक तरीके से ब्याज दरों में बढ़ोतरी से एफपीआई भारतीय बाजार में बिकवाल बने हुए हैं। वह एफपीआई 2022 में 1.65 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

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